बैकुंठपुर। नगरपालिका परिषद बैकुंठपुर के आगामी निर्वाचन से पहले मतदाता सूची में नाम जोड़ने और वार्ड परिवर्तन को लेकर विवाद की स्थिति बनने लगी है। वार्ड क्रमांक 12 की मतदाता सूची में अन्य वार्डों के मतदाताओं के नाम स्थानांतरित किए जाने के लिए बड़ी संख्या में आवेदन किए जाने का आरोप लगाते हुए अनुराग दुबे ने कलेक्टर कोरिया को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
कलेक्टर को 2 नवंबर 2026 को सौंपे गए ज्ञापन में अनुराग दुबे ने आशंका जताई है कि वार्ड क्रमांक 12 की निर्धारित परिसीमन सीमा के बाहर निवासरत लोगों के नाम इस वार्ड की मतदाता सूची में शामिल कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि वास्तविक निवास की पुष्टि किए बिना ऐसे नाम जोड़े जाते हैं तो मतदाता सूची की शुद्धता और आगामी नगरीय निकाय चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।
ज्ञापन में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि संबंधित मतदाताओं ने हाल ही में अपने वास्तविक निवास के आधार पर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराया था। इसके अलावा जनगणना के प्रथम चरण में भी मकान और निवास संबंधी जानकारी दर्ज की गई है। ऐसे में महज चार महीने के भीतर बड़ी संख्या में मतदाताओं द्वारा वार्ड परिवर्तन के आवेदन किए जाने पर सवाल उठाए गए हैं। आवेदक ने आशंका जताई है कि कहीं यह कवायद स्थानीय राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से तो नहीं की जा रही है।
भौतिक सत्यापन के बाद ही जोड़े जाएं नाम
अनुराग दुबे ने कलेक्टर से मांग की है कि वार्ड क्रमांक 12 में दूसरे वार्डों से नाम स्थानांतरित कराने के लिए प्रस्तुत सभी आवेदनों की गंभीरता से जांच कराई जाए। दावा-आपत्ति की पूरी प्रक्रिया उच्च अधिकारियों की निगरानी में संपन्न कराने के साथ सक्षम और निष्पक्ष अधिकारियों को जिम्मेदारी देने की मांग भी की गई है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि किसी भी मतदाता का नाम दूसरे वार्ड में स्थानांतरित करने से पहले उसके वास्तविक निवास स्थान का भौतिक सत्यापन अनिवार्य किया जाए।
सत्यापन के दौरान संबंधित मतदाता के SIR रिकॉर्ड, जनगणना में दर्ज मकान संख्या और पते से जुड़े दस्तावेजों की जांच करने तथा आधार कार्ड में दर्ज पते को अन्य अभिलेखों के साथ सहायक दस्तावेज के रूप में देखने की मांग की गई है।
राजनीतिक दबाव में नाम जोड़ने की आशंका जताई
ज्ञापन में यह भी आग्रह किया गया है कि दावा-आपत्ति की प्रक्रिया के दौरान किसी छोटे कर्मचारी पर दबाव बनाकर गलत तरीके से नाम जुड़वाने की स्थिति निर्मित न हो। आवेदक ने स्पष्ट किया है कि मतदाता का नाम उसी वार्ड की सूची में दर्ज होना चाहिए, जहां परिसीमन के अनुसार उसका वास्तविक निवास स्थित है।
इस मामले में कलेक्टर से तत्काल संज्ञान लेकर जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगरपालिका परिषद बैकुंठपुर को भी सौंपी गई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और वार्ड क्रमांक 12 की मतदाता सूची को लेकर उठे सवालों की जांच किस स्तर पर कराई जाती है।

