कांग्रेस की शिकायत पर हरकत में आया निर्वाचन विभाग, मतदाता सूची की जांच के निर्देश, बैकुंठपुर और शिवपुर-चरचा की मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों पर एसडीएम को सौंपी जांच की जिम्मेदारी, दावा-आपत्ति की तारीख 3 नवंबर तक बढ़ी

Chandrakant Pargir


 

बैकुंठपुर। नगरपालिका परिषद बैकुंठपुर एवं शिवपुर-चरचा की प्रारंभिक मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा उठाए गए मुद्दे पर निर्वाचन विभाग हरकत में आया है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता की शिकायत पर जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) कार्यालय ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं रजिस्ट्रीकरण अधिकारी बैकुंठपुर तथा शिवपुर-चरचा को मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जांच प्रतिवेदन तत्काल उपलब्ध कराने को कहा गया है।


कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) कार्यालय से 1 नवंबर 2026 को जारी पत्र क्रमांक 301/न.पा.आ./शिकायत/2026 में प्रदीप गुप्ता के 30 अक्टूबर को दिए गए शिकायत पत्र का हवाला देते हुए उसकी छायाप्रति संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है। पत्र में मतदाता सूची में सामने आई अनियमितताओं की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने और प्रतिवेदन तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।


वार्ड बदलकर नाम दर्ज होने की शिकायत

गौरतलब है कि प्रदीप गुप्ता ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में आरोप लगाया था कि दोनों नगरपालिकाओं की प्रारंभिक मतदाता सूची में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम निर्धारित वार्डों के बजाय दूसरे और दूरस्थ वार्डों में दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कुछ मतदाताओं के नाम मनमाने तरीके से अन्य वार्डों में जुड़वाने के लिए दबाव बनाए जाने की शिकायत भी की थी। कांग्रेस ने प्रत्येक शिकायत पर मतदाताओं के वास्तविक निवास स्थान का भौतिक सत्यापन कराने तथा नाम जोड़ने, काटने और स्थानांतरित करने की प्रक्रिया की वरिष्ठ अधिकारियों से निगरानी कराने की मांग की थी।


10 नवंबर की मांग, आयोग ने 3 नवंबर तक बढ़ाई तारीख

कांग्रेस ने दावा-आपत्ति की अवधि 10 नवंबर तक बढ़ाने की मांग की थी। इस पर जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से प्रदीप गुप्ता को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि राज्य निर्वाचन आयोग, रायपुर के संशोधित आदेश क्रमांक एफ-53-1/तीन (दो)/न.पा./निर्वा.नामा/2026/1190, दिनांक 30 अक्टूबर 2026 के अनुसार निर्वाचक नामावली के लिए दावा-आपत्ति की अवधि बढ़ाकर 3 नवंबर 2026 कर दी गई है। कार्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि आयोग के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।

अब देखना होगा कि जांच के दौरान वार्डों में दर्ज मतदाताओं के नामों का वास्तविक निवास के आधार पर कितना सत्यापन होता है और शिकायतों पर क्या कार्रवाई की जाती है। नगरपालिका चुनाव में मतदाता सूची की शुद्धता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना निर्वाचन विभाग के सामने महत्वपूर्ण चुनौती है।

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