रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजय शंकर मिश्रा ने राज्य में प्रस्तावित पांच नए मेडिकल कॉलेजों की मान्यता को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) द्वारा जारी पत्र को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एनएमसी ने किसी भी मेडिकल कॉलेज की मान्यता पर रोक नहीं लगाई है, बल्कि निरीक्षण के दौरान मिली कुछ कमियों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए उन्हें दूर करने के निर्देश दिए हैं
डॉ. मिश्रा ने कहा कि नए मेडिकल कॉलेजों के निरीक्षण के दौरान भवन, उपकरण और अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित कुछ कमियां सामने आई थीं, जिनकी जानकारी राज्य सरकार को पहले से थी। इसी कारण शासन स्तर पर इन कमियों को दूर करने की प्रक्रिया पहले से ही शुरू कर दी गई थी और अधिकांश कमियों का निराकरण भी कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और मान्यता प्राप्त करने की सामान्य प्रशासनिक एवं संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा है।
उन्होंने बताया कि बुधवार को एनएमसी की ओर से जो पत्र जारी किया गया है, उसमें केवल निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों का उल्लेख किया गया है तथा उन्हें निर्धारित समय में दूर करने के लिए कहा गया है। इसे मान्यता निरस्त करने या प्रवेश प्रक्रिया पर रोक लगाने के रूप में प्रस्तुत करना पूरी तरह भ्रामक है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि अभी राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हुई है। न तो परीक्षा परिणाम घोषित हुए हैं और न ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुई है। ऐसे में मेडिकल कॉलेजों की मान्यता पर रोक लगाए जाने की बात करना तथ्यों से परे है और जनता को भ्रमित करने का प्रयास है।
डॉ. मिश्रा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के कुछ नेता अधूरी जानकारी के आधार पर बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस राज्य में नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना जैसी महत्वपूर्ण उपलब्धियों को भी राजनीतिक चश्मे से देख रही है। भाजपा सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और चिकित्सा शिक्षा के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है तथा नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा प्रदेश में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाना है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं। एनएमसी द्वारा बताई गई सभी आवश्यकताओं को समय पर पूरा कर लिया जाएगा और नए मेडिकल कॉलेजों की मान्यता प्राप्त करने में किसी प्रकार की समस्या नहीं आएगी।
डॉ. मिश्रा ने विश्वास जताया कि निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदेश के पांचों नए मेडिकल कॉलेजों को स्वीकृति मिलेगी और इससे चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को बड़ा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता कांग्रेस के राजनीतिक आरोपों और वास्तविक तथ्यों के बीच का अंतर अच्छी तरह समझती है।




