नवा रायपुर। राज्य स्वास्थ्य समिति (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) की कार्यकारिणी समिति की बैठक 12 दिसंबर 2025 को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया की अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित स्वास्थ्य भवन में सम्पन्न हुई। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से जुड़े मानव संसाधन, बजट प्रबंधन और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए।
बैठक में Chhattisgarh Rural Medical Core (CRMC) कार्यक्रम को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। समिति ने CRMC के अंतर्गत कार्यरत एवं कार्यक्रम की शुरुआत से जुड़े मानव संसाधनों के लिए ₹2500 लाख (25 करोड़ रुपये) की बजट राशि को जिलों में पुनः आबंटित करने की स्वीकृति दी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती देने वाले CRMC कार्यक्रम को और गति मिलने की उम्मीद है।
बैठक का एक बड़ा निर्णय आंदोलन के दौरान सेवा से पृथक किए गए 25 कर्मचारियों की सेवा बहाली को लेकर रहा। समिति ने आंदोलनकालीन कार्रवाई को शून्य घोषित करते हुए इन कर्मचारियों की बहाली हेतु शासन को प्रस्ताव भेजने की अनुशंसा की।
बैठक के प्रमुख निर्णय
आरबीएसके एवं अन्य एमएमयू वाहनों की रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए राज्य स्तरीय एकीकृत कंट्रोल रूम व डिजिटल डैशबोर्ड तैयार करने के निर्देश।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मानव संसाधन नीति 2018 में संशोधन के लिए राज्य स्तरीय समिति से अध्ययन कर प्रस्ताव लाने के निर्देश।
संविदा मानव संसाधनों को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (चिकित्सा परिचर्या) नियम 2013 का लाभ देने की सैद्धांतिक मंजूरी।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत आरओपी के तहत मलेरिया, कुष्ठ उन्मूलन, सिकलसेल स्क्रीनिंग, मातृत्व स्वास्थ्य एवं अन्य योजनाओं के लिए बजट का जिलों में पुनः आवंटन।
16 स्थानों पर ट्रॉमा स्टेबलाइजेशन यूनिट के निर्माण हेतु ₹288 लाख की स्वीकृति।
मितानिन कार्यक्रम से जुड़े कर्मचारियों को अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 तक क्षतिपूर्ति राशि भुगतान को मंजूरी।
PM-JANMAN योजना के अंतर्गत मोबाइल मेडिकल यूनिट/एम्बुलेंस के डिजाइन में तकनीकी शर्तों को स्वीकार किया गया।
बैठक में लिए गए निर्णयों को राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। विशेषकर CRMC कार्यक्रम को शुरू करने और उसे विस्तार देने से जुड़े कर्मचारियों को बजट एवं प्रशासनिक स्तर पर मिली मजबूती से ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने की उम्मीद जताई जा रही है।

