लोकतंत्र में ऐसा भी! वोट से जिताया, इनाम मिला… ढाई साल बाद मतदाताओं को ही लौटाए 60-60 रुपये!, चुनावी जीत के जश्न का इनाम बना ढाई साल तक पहेली, विकास के काम पर नहीं बनी सहमति तो मतदाता सूची खुली और शुरू हो गया घर-घर नकदी वितरण का सिलसिला
04 नवंबर
बैकुंठपुर। लोकतंत्र में मतदाता भगवान का रूप होता है, लेकिन एक गांव में मतदाताओं को भगवान मानने का अंदाज कुछ अलग ही …