सोनहत में सचिव के तबादलों का खेल! दो महीने में तीन जगह पोस्टिंग, जहां काम ज्यादा वहीं पहुंचने की चर्चा; हर जगह अतिरिक्त प्रभार भी साथ!

Chandrakant Pargir


 कोरिया। कोरिया जिले के सोनहत जनपद पंचायत में इन दिनों एक पंचायत सचिव के लगातार हो रहे तबादले और अतिरिक्त प्रभार को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। स्थानीय स्तर पर आरोप लग रहे हैं कि सचिव जी की पकड़ इतनी मजबूत है कि पंचायत बदलती रहती है, लेकिन अतिरिक्त प्रभार का सिलसिला नहीं बदलता। यही वजह है कि ग्रामीणों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर सचिव की पोस्टिंग का फार्मूला क्या है—जहां काम ज्यादा, वहां सचिव जी का पहुंचना तय?


बताया जा रहा है कि मजबूत पकड़ वाले इस सचिव के पास पहले ग्राम पंचायत नवा टोला में पदस्थ थे और उनके पास का चंदहा का अतिरिक्त प्रभार भी था। इसके बाद उनका तबादला मधला पंचायत में हुआ और यहां भी केशगवां का अतिरिक्त प्रभार उनके पास रहा। इसके बाद फिर तबादला अकलासरई पंचायत में कर दिया गया, लेकिन इस बार भी अतिरिक्त प्रभार के रूप में बंसीपुर पंचायत उनके साथ जोड़ दी गई। यानी पंचायत बदलती गईं, लेकिन अतिरिक्त प्रभार मानो सचिव के साथ ही चलता रहा।


जहां काम, वहीं तबादला?

मामले को लेकर सबसे बड़ा सवाल अब यह उठ रहा है कि क्या पंचायतों में सचिवों की पदस्थापना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया से हो रही है या फिर काम और संभावित निर्माण कार्य देखकर? ग्रामीणों का आरोप है कि अकलासरई पंचायत में करीब 20 लाख रुपये की लागत से राशन दुकान का निर्माण प्रस्तावित है, और इसी दौरान सचिव का वहां पदस्थ होना कई सवाल खड़े कर रहा है।


दो महीने में तीन जगह तबादला!

स्थानीय चर्चाओं के मुताबिक कम समय में लगातार स्थानांतरण और हर बार अतिरिक्त पंचायत का प्रभार मिलना सामान्य प्रशासनिक व्यवस्था से अलग नजर आता है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में अब जनपद पंचायत सोनहत के सामने सवाल है कि सचिव के तबादलों और अतिरिक्त प्रभार की पूरी प्रक्रिया क्या थी और किन प्रशासनिक कारणों से उन्हें लगातार ऐसी पंचायतों की जिम्मेदारी दी गई।


सचिव जी जहां जाएं, प्रभार साथ जाए!

सोनहत में इस पूरे मामले को लेकर अब व्यंग्य भी शुरू हो गया है“पंचायत कोई भी हो, प्रभार सचिव जी का ही होगा!”

अब देखना यह है कि लगातार बदलती पंचायतों और साथ चलते अतिरिक्त प्रभार के इस सेटिंगमॉडल’ पर जनपद पंचायत सोनहत  कब जवाब देता है।

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!