बैकुंठपुर/कोरिया। कोरिया जिले के लिए डाक सेवाओं के क्षेत्र में बड़ी खबर सामने आई है। डाक विभाग ने कोरिया पोस्टल डिवीजन (Korea Postal Division) के गठन को मंजूरी प्रदान कर दी है। नए डाक प्रभाग का मुख्यालय बैकुंठपुर में होगा। यह प्रभाग मौजूदा बिलासपुर, रायगढ़ और सरगुजा डाक प्रभागों के विलय/पुनर्गठन के माध्यम से अस्तित्व में आएगा।
डाक विभाग की ओर से जारी आदेश में छत्तीसगढ़ सर्किल के पुनर्गठन से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति दिए जाने की जानकारी दी गई है। इनमें कोरिया के अलावा दंतेवाड़ा, गरियाबंद और कोरबा में भी नए पोस्टल डिवीजन गठित करने का निर्णय शामिल है। आदेश के अनुसार कोरिया पोस्टल डिवीजन का मुख्यालय बैकुंठपुर में रहेगा और संबंधित मौजूदा डाक प्रभागों का पुनर्गठन कर नए प्रशासनिक ढांचे को लागू किया जाएगा।
बैकुंठपुर में बढ़ेगी डाक विभाग की प्रशासनिक भूमिका
कोरिया पोस्टल डिवीजन के गठन से बैकुंठपुर जिले में डाक विभाग की प्रशासनिक भूमिका और मजबूत होने की उम्मीद है। नए प्रभाग के गठन के बाद डाक सेवाओं से जुड़े प्रशासनिक कार्यों, कर्मचारियों, रिकॉर्ड और परिसंपत्तियों के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू होगी। आदेश में Chief Postmaster General को नए प्रस्तावों को लागू करने के लिए परिसंपत्तियों, कर्मचारियों एवं रिकॉर्ड आदि के स्थानांतरण की आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
डाक विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ग्रुप 'बी' और 'सी' स्तर के कर्मचारियों के पुनर्नियोजन की प्रक्रिया संबंधित अधिकारियों से परामर्श के बाद की जाएगी। कर्मचारियों की इच्छा एवं अनुरोध को ध्यान में रखते हुए पुनर्नियोजन किए जाने की बात कही गई है, ताकि सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय भार और कर्मचारियों को होने वाली असुविधा को न्यूनतम किया जा सके।
छत्तीसगढ़ में कई नए डाक प्रशासनिक क्षेत्र होंगे तैयार
जारी प्रस्ताव के अनुसार दंतेवाड़ा पोस्टल डिवीजन का मुख्यालय दंतेवाड़ा, गरियाबंद पोस्टल डिवीजन का मुख्यालय गरियाबंद और कोरबा पोस्टल डिवीजन का मुख्यालय कोरबा बनाया जाएगा। इसके साथ ही केशकाल, अंतागढ़, मड़ेड, दोरनापाल और राजिम में नए पोस्टल सब-डिवीजन बनाने का भी प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है।
कोरिया पोस्टल डिवीजन का मुख्यालय बैकुंठपुर में बनाए जाने की मंजूरी को जिले के लिए महत्वपूर्ण प्रशासनिक उपलब्धि माना जा रहा है। इससे डाक विभाग की सेवाओं के संचालन और प्रशासनिक निगरानी के लिए बैकुंठपुर की भूमिका पहले की तुलना में और महत्वपूर्ण हो जाएगी।

