बैकुण्ठपुर। छत्तीसगढ़ वनकर्मचारी संघ जिला शाखा कोरिया ने विभाग द्वारा प्रस्तावित वन कार्यों में ठेका पद्धति लागू किए जाने तथा पुलिस विभाग की भर्ती एवं स्थानांतरण नीति के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। संघ के जिला अध्यक्ष माधव प्रसाद रजवाड़े के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल एवं सदस्यों ने वन मंडल अधिकारी कोरिया तथा उपनिदेशक, गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व को ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित व्यवस्था को निरस्त करने की मांग की। संघ पदाधिकारियों ने अधिकारियों को ठेका पद्धति लागू होने से वन विभाग के नियमित कर्मचारियों के कार्यक्षेत्र, जिम्मेदारियों और रोजगार संबंधी हितों पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों से अवगत कराया। साथ ही पुलिस विभाग की भर्ती एवं स्थानांतरण नीति को वन विभाग में लागू किए जाने का भी विरोध जताया।
शासन से प्रस्ताव निरस्त करने की मांग
संघ ने स्पष्ट किया कि विभाग द्वारा प्रस्तावित दोनों व्यवस्थाओं का कर्मचारियों के हित में व्यापक विरोध किया जा रहा है। संगठन का कहना है कि वन विभाग की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारियां अन्य विभागों से अलग हैं, इसलिए किसी अन्य विभाग की नीति को वन विभाग में लागू करने से पहले कर्मचारियों की व्यावहारिक कठिनाइयों और विभागीय परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। संघ ने शासन से प्रस्तावित व्यवस्थाओं पर पुनर्विचार कर उन्हें निरस्त करने की मांग की है।
मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
वनकर्मचारी संघ ने ज्ञापन के माध्यम से चेतावनी दी है कि यदि शासन द्वारा प्रस्तावित व्यवस्थाओं को वापस नहीं लिया गया तो संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होगा। संघ ने आवश्यकता पड़ने पर हड़ताल किए जाने की भी चेतावनी दी है। पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर संगठन आगे भी चरणबद्ध तरीके से विरोध जारी रखेगा।
ये पदाधिकारी रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला सचिव सुजीत लहरे, संभागीय उपाध्यक्ष विजय कंवर, प्रांतीय सदस्य हेतराम बैगा, जिला महामंत्री प्रकाश सिंह, संभागीय मंत्री राम साय रजवाड़े, जिला उपाध्यक्ष ज्योति प्रकाश बखला, तहसील सचिव सोनहत राजेश राजवाड़े, सचिव राजू यादव सहित सदस्य रामसूरत, शंकर, दया प्रकाश, बालम और अमन उपस्थित रहे। संघ ने अधिकारियों के समक्ष अपनी मांगों को मजबूती से रखते हुए शासन स्तर पर उचित निर्णय की मांग की।



