सड़क चौड़ीकरण जरूरी, लेकिन छोटे व्यापारियों की रोजी-रोटी भी बचे : सीए प्रशांत गुप्ता, बैकुंठपुर में प्रस्तावित सड़क विस्तार का स्वागत, पुनर्वास के लिए बाजार में ही दुकानें आरक्षित करने की मांग

Chandrakant Pargir

 


बैकुंठपुर। शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण का स्वागत करते हुए शहर के विख्यात चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) प्रशांत गुप्ता ने विकास के साथ सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित होने वाले छोटे व्यापारियों के भविष्य की चिंता करने की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा कि शहर का विकास जरूरी है, लेकिन विकास की कीमत उन छोटे दुकानदारों की आजीविका समाप्त करके नहीं चुकाई जानी चाहिए, जिन्होंने वर्षों की मेहनत से अपनी छोटी-छोटी दुकानों को व्यवसाय का आधार बनाया है।


सीए प्रशांत गुप्ता ने इस संबंध में मुख्यमंत्री सहित शासन के संबंधित जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन को पत्र लिखकर प्रभावित व्यापारियों के लिए ठोस पुनर्वास व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। उन्होंने विशेष रूप से नवीन नगर पालिका परिसर से पुराने बस स्टैंड तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित होने वाली दुकानों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में वर्षों से कारोबार कर रहे अनेक छोटे व्यापारी अपनी दुकान की आमदनी से परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सड़क चौड़ीकरण में दुकान अथवा दुकान का सामने का हिस्सा प्रभावित होने पर इनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।


सिर्फ दुकान देना पुनर्वास नहीं

प्रशांत गुप्ता ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण बदलते समय की आवश्यकता है। संकरी सड़कों के कारण शहर में जाम और आवागमन की समस्या लगातार बनी रहती है, इसलिए शहर के सुनियोजित विकास के लिए सड़क विस्तार आवश्यक है। लेकिन इसके साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की योजना भी पहले से तैयार होनी चाहिए।

उन्होंने मांग की कि आगामी नगर पालिका कॉम्प्लेक्स और अन्य व्यावसायिक विकास परियोजनाओं की योजना बनाते समय प्रभावित छोटे दुकानदारों के लिए पर्याप्त संख्या में दुकानें आरक्षित की जाएं। इससे चौड़ीकरण की वजह से दुकान खोने वाले व्यापारियों को दोबारा व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिल सकेगा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुनर्वास के नाम पर प्रभावित व्यापारियों को शहर से दूर या सुनसान स्थान पर दुकानें देना व्यावहारिक समाधान नहीं होगा। जिस दुकान पर ग्राहक ही नहीं पहुंचेंगे, उससे व्यापारी अपना परिवार कैसे चलाएगा? इसलिए वैकल्पिक दुकानें ऐसे स्थान पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए जहां बाजार और ग्राहकों की आवाजाही बनी रहे। उनके अनुसार, केवल दुकान का निर्माण कर देना पुनर्वास नहीं है, बल्कि ऐसा स्थान उपलब्ध कराना जहां व्यापारी दोबारा अपना व्यवसाय खड़ा कर सके, वास्तविक पुनर्वास है।



सड़क भी चौड़ी हो और चूल्हे भी जलते रहें’


सीए प्रशांत गुप्ता ने कहा कि बैकुंठपुर का विकास ऐसा होना चाहिए जिसमें सड़कें चौड़ी हों, यातायात सुगम हो और वर्षों से छोटे कारोबार के सहारे अपने परिवार पाल रहे लोगों के घरों के चूल्हे भी जलते रहें। उन्होंने कहा कि विकास और मानवीय संवेदनशीलता एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। बेहतर योजना बनाकर दोनों उद्देश्यों को साथ हासिल किया जा सकता है।

उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव, बैकुंठपुर विधायक तथा जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि सड़क चौड़ीकरण और आगामी नगर पालिका कॉम्प्लेक्स की योजना तैयार करते समय प्रभावित दुकानदारों के पुनर्वास के लिए स्पष्ट, पारदर्शी और व्यवहारिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।


शहर के व्यापारिक स्वरूप और स्थानीय बाजार की गतिविधियों को करीब से देखने वाले सीए प्रशांत गुप्ता की इस पहल को विकास के साथ आजीविका संरक्षण को जोड़ने वाली दूरदर्शी सोच के रूप में देखा जा रहा है। उनकी मांग का मूल भाव यही है कि बैकुंठपुर आधुनिक और व्यवस्थित शहर बने, लेकिन इस बदलाव में वर्षों से शहर के बाजार को जीवंत रखने वाले छोटे व्यापारियों की पहचान और आजीविका खत्म न हो।

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