रायपुर। छत्तीसगढ़ में दिसंबर 2026 में होने वाले नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव से पहले निर्वाचक नामावली के पुनरीक्षण का कार्यक्रम जारी कर दिया है। आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 1 अक्टूबर 2026 की स्थिति को आधार मानकर निर्वाचक नामावली तैयार की जाएगी। इसके तहत नगरीय निकायों के साथ-साथ पंचायत क्षेत्रों में भी मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया शुरू होगी। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही आगामी चुनावों के लिए अंतिम मतदाता सूची उपलब्ध होगी।
नगरीय निकायों के लिए होने वाले आम चुनाव में कुल 417 पदों के लिए निर्वाचक नामावली का पुनरीक्षण किया जाएगा। इसमें नगरपालिका अध्यक्ष के 13 पद और पार्षद के 400 पद शामिल हैं। इसके अलावा प्रदेश के चार नगर निगमों के महापौर पदों के लिए भी निर्वाचक नामावली तैयार की जाएगी। वहीं नगरीय निकायों में रिक्त पदों के लिए प्रस्तावित उपचुनाव को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया गया है। उपचुनाव के तहत अध्यक्ष का एक पद और पार्षद के छह पद शामिल हैं। इस तरह नगरीय निकाय क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पदों के लिए मतदाता सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव के लिए भी निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पंचायतों के कुल 814 पदों के लिए मतदाता सूची तैयार की जाएगी। इनमें जनपद पंचायत सदस्य का एक पद, सरपंच के 92 पद और पंच के 721 पद शामिल हैं। पंचायत क्षेत्रों में रिक्त पदों के लिए चुनाव से पहले मतदाता सूची में पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने, नाम या पते में आवश्यक संशोधन करने तथा अपात्र नामों से संबंधित आपत्तियों के निराकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 23 अक्टूबर 2026 को निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन किया जाएगा। प्रारंभिक मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद आम नागरिकों और मतदाताओं को सूची का अवलोकन करने का अवसर मिलेगा। यदि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची में नहीं है, नाम या अन्य विवरण में त्रुटि है अथवा किसी नाम को लेकर आपत्ति है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा-आपत्ति प्रस्तुत की जा सकेगी। इससे चुनाव से पहले मतदाता सूची में आवश्यक सुधार किए जा सकेंगे।
प्रारंभिक निर्वाचक नामावली के प्रकाशन के बाद प्राप्त होने वाले सभी दावे और आपत्तियों का संबंधित अधिकारियों द्वारा नियमानुसार परीक्षण किया जाएगा। आवश्यक दस्तावेजों और दावों की जांच के बाद पात्र मामलों में संशोधन किया जाएगा। इसके बाद संशोधित निर्वाचक नामावली को अंतिम रूप दिया जाएगा। आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 30 नवंबर 2026 को अंतिम निर्वाचक नामावली का प्रकाशन किया जाएगा। इसके साथ ही नगरीय निकाय और पंचायत क्षेत्रों में चुनाव के लिए मतदाता सूची तैयार करने की महत्वपूर्ण प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
निर्वाचक नामावली के पुनरीक्षण की प्रक्रिया के साथ ही प्रदेश में चुनावी गतिविधियां भी धीरे-धीरे तेज होने की संभावना है। दिसंबर में प्रस्तावित नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां आगे बढ़ेंगी, वहीं राजनीतिक दलों और संभावित प्रत्याशियों की सक्रियता भी बढ़ेगी। हालांकि वर्तमान में राज्य निर्वाचन आयोग ने मुख्य रूप से निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण की समय-सारणी जारी की है। चुनाव की तारीख, नामांकन, मतदान और मतगणना से संबंधित विस्तृत कार्यक्रम आयोग द्वारा आगे जारी किया जाएगा।
इस पूरे कार्यक्रम में 23 अक्टूबर और 30 नवंबर की तारीखें महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। 23 अक्टूबर को जहां प्रारंभिक मतदाता सूची सामने आएगी, वहीं दावा-आपत्ति और उसके निराकरण की प्रक्रिया के बाद 30 नवंबर को अंतिम निर्वाचक नामावली प्रकाशित होगी। अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद दिसंबर में प्रस्तावित नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव की आगे की निर्वाचन प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।

