बैकुंठपुर, कोरिया। खरवत से जमगहना तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सड़क चौड़ीकरण कार्य के लिए 88 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने के बाद कलेक्टर कोरिया के निर्देश पर राजस्व, नगर पालिका और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम ने नए सिरे से नापजोख शुरू कर दी है। सड़क चौड़ीकरण की जद में आने वाले निर्माणों और दुकानों की वास्तविक स्थिति का आंकलन करने के लिए मौके पर विस्तृत माप लिया जा रहा है।
इस कार्य में चार-चार आरआई और पटवारियों के साथ नगर पालिका तथा लोक निर्माण विभाग की टीम शामिल है। टीम द्वारा नजूल भूमि की स्थिति से लेकर सड़क के मध्य तक नापजोख की जा रही है। खास बात यह है कि इस बार केवल सड़क किनारे की सामान्य माप तक सीमित नहीं रहते हुए चौड़ीकरण की प्रस्तावित सीमा के अनुसार दुकानों और अन्य निर्माणों के पीछे तक जाकर माप लिया जा रहा है। इससे यह स्पष्ट किया जा सकेगा कि निर्धारित चौड़ीकरण सीमा में किस दुकान अथवा निर्माण का कितना हिस्सा प्रभावित होगा।
9 मीटर सीमा में आने वाले हिस्से का होगा आंकलन
नापजोख के बाद यह तय किया जाएगा कि सड़क चौड़ीकरण के लिए निर्धारित 9 मीटर सीमा में किन-किन दुकानों और निर्माणों का कितना हिस्सा आ रहा है। इसके आधार पर प्रभावित हिस्से का अलग-अलग आंकलन किया जाएगा। साथ ही संबंधित भूमि और निर्माण की स्थिति के अनुसार मुआवजे को लेकर भी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। प्रशासनिक स्तर पर की जा रही यह कार्रवाई सड़क चौड़ीकरण के लिए आवश्यक भूमि और प्रभावित संपत्तियों की वास्तविक स्थिति सामने लाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
लोगों में अब भी बना हुआ है संशय
खरवत-जमगहना सड़क के चौड़ीकरण की चर्चा लंबे समय से होती रही है। अब 88 करोड़ रुपये की स्वीकृति के बाद प्रशासन द्वारा लगातार प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने के बावजूद स्थानीय लोगों के बीच अभी भी यह सवाल बना हुआ है कि सड़क का चौड़ीकरण वास्तव में कब और किस रूप में होगा। सड़क किनारे व्यवसाय करने वाले दुकानदारों और निर्माण मालिकों की नजर भी प्रशासन की इस नापजोख पर टिकी हुई है।
हालांकि जिस तरह से कलेक्टर के निर्देश पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की संयुक्त टीम बनाकर दोबारा विस्तृत सर्वे कराया जा रहा है, उससे इस बार चौड़ीकरण की प्रक्रिया को लेकर गंभीरता दिखाई दे रही है। नापजोख के बाद प्रभावित संपत्तियों की स्थिति स्पष्ट होने और मुआवजे का आंकलन किए जाने के बाद सड़क चौड़ीकरण की अगली प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
पुराने विवाद और भ्रम के बीच नई प्रक्रिया
सड़क चौड़ीकरण को लेकर पहले भी कई बार चर्चा और प्रक्रिया आगे बढ़ी है, लेकिन जमीन पर काम शुरू नहीं हो पाने के कारण लोगों में संशय बना रहा। अब नई स्वीकृति के बाद प्रशासन द्वारा जिस तरह से राजस्व अमले के साथ नगर पालिका और लोक निर्माण विभाग को मैदान में उतारा गया है, उसे पुराने स्तर की कवायद से आगे की कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता सड़क की निर्धारित सीमा को स्पष्ट करने और चौड़ीकरण से प्रभावित होने वाली संपत्तियों की पहचान करने की दिखाई दे रही है। नए सिरे से चल रही नापजोख पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन दुकानों और निर्माणों का कितना हिस्सा चौड़ीकरण की जद में आएगा और संबंधित लोगों को कितना मुआवजा देय होगा।





