कोरिया। कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड स्थित मझारटोला आदिम जाति बालक छात्रावास में 9-10 वर्षीय बालक की मौत का मामला सामने आया है। बालक प्रिंस सिंह उर्फ भीम का शव बुधवार सुबह छात्रावास परिसर के पास स्थित तालाब में तैरता मिला। वह दो दिन पहले ही छात्रावास आया था। घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन ने प्रथम दृष्टया लापरवाही मानते हुए छात्रावास अधीक्षक को निलंबित कर दिया।
बताया गया कि बालक के लापता होने की जानकारी सुबह करीब 6 बजे सामने आई, जबकि उसके परिजनों को शाम करीब 4 बजे सूचना दी गई। इसके बाद उसकी तलाश शुरू की गई। बुधवार सुबह छात्रावास के पास स्थित तालाब में बालक का शव दिखाई दिया। सूचना मिलते ही अपर कलेक्टर एसके वैद्य, एसडीएम, तहसीलदार, आदिवासी विभाग की असिस्टेंट कमिश्नर, सोनहत थाना प्रभारी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को तालाब से बाहर निकालकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद छात्रावास में बच्चों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। बालक छात्रावास से निकलकर तालाब तक कैसे पहुंचा, उसके लापता होने के बाद तत्काल क्या कदम उठाए गए और परिजनों को सूचना देने में देरी क्यों हुई, इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है। जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधीक्षक को निलंबित कर दिया है।
मृत बालक पटना थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत टेंगनी के हरपियारा गांव का निवासी और विजेन्द्र सिंह का पुत्र बताया जा रहा है। शव मिलने की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। बालक की मां ने भावुक होकर कहा, “दो दिन पहले ही घर से भेजी थी, मुझे मेरा बालक वापस चाहिए।” घटना से परिवार में शोक का माहौल है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बालक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, वह तालाब तक कैसे पहुंचा, छात्रावास प्रबंधन को उसके लापता होने की जानकारी कब हुई और परिजनों को सूचना देने में देरी क्यों हुई—इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे।
अपर कलेक्टर एसके वैद्य ने बताया कि मौत के स्पष्ट कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस जांच कर रही है। जिला प्रशासन ने छात्रावास अधीक्षक को निलंबित कर दिया है और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।




