जनकपुर। (एम सी बी) दो नाबालिग बच्चों को बहला-फुसलाकर घर से ले जाकर उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में कथित तौर पर श्रम कार्य के लिए ले जाने का मामला सामने आया है। जनकपुर थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम गठित कर लगातार पतासाजी की और दोनों बच्चों को मुजफ्फरनगर से सकुशल बरामद कर उनके परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, 4 सितंबर को एक प्रार्थी ने जनकपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 3 सितंबर को उसके नाबालिग बेटे तथा पड़ोस में रहने वाले एक अन्य नाबालिग बालक को उसका जीजा दलबीर बैगा, निवासी कुन्दौर, जिला सीधी (मध्यप्रदेश), बहला-फुसलाकर घर से ले गया है। रिपोर्ट पर थाना जनकपुर में अपराध क्रमांक 203/2026 के तहत धारा 137(2) बीएनएस में मामला दर्ज किया गया। दो नाबालिग बच्चों के लापता होने को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी उपनिरीक्षक विजय सिंह ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देकर विशेष टीम गठित की।
मेरठ से मुजफ्फरनगर ले जाने की मिली जानकारी
पुलिस की पतासाजी में जानकारी सामने आई कि आरोपी दलबीर बैगा अपने साथी मनराज बैगा के साथ बच्चों को पहले मेरठ और इसके बाद मुजफ्फरनगर ले गया है। पुलिस टीम ने आरोपियों के मोबाइल नंबरों के माध्यम से लगातार संपर्क कर उन पर दबाव बनाया। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद आरोपी बच्चों को वापस लाने के लिए मजबूर हुए।
पुलिस ने बताया कि 5 सितंबर की रात ग्राम चरखर, थाना जनकपुर क्षेत्र के पास आरोपी मनराज बैगा दोनों बच्चों को मुजफ्फरनगर की मंडी से वापस लेकर पहुंचा। पुलिस ने बच्चों को उसके कब्जे से सकुशल बरामद किया। पूछताछ में बच्चों ने पुलिस को बताया कि आरोपी कथित रूप से उन्हें मुजफ्फरनगर में मजदूरी कराने के लिए पैसों में बेचने की बात कर रहे थे। हालांकि, इस पूरे मामले में बच्चों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।
एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरे की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार, बच्चों को काम कराने के उद्देश्य से ले जाने के आरोप में मनराज बैगा पिता धिराई बैगा, उम्र 42 वर्ष, निवासी कुन्दौर, चौकी पौड़ी, थाना कुसमी, जिला सीधी (मध्यप्रदेश) को 6 सितंबर को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के खिलाफ अपराध में धारा 137(2), 143 और 3(5) बीएनएस जोड़ी गई हैं। गिरफ्तारी की सूचना उसके परिजनों को देने के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले का दूसरा आरोपी दलबीर बैगा अभी फरार है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।
पुलिस ने बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। कार्रवाई में थाना प्रभारी जनकपुर उपनिरीक्षक विजय सिंह, सहायक उपनिरीक्षक किशन चौहान, प्रधान आरक्षक संतोष सिंह तथा आरक्षक दीपक मिंज, गोविन्द साहू और सूर्यपाल सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

