बैकुंठपुर। लोक निर्माण विभाग के प्रशासनिक ढांचे में हुए बड़े फेरबदल का सीधा लाभ अब कोरिया जिले को मिलने जा रहा है। छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग के आदेश ने यह साफ कर दिया है कि बैकुंठपुर अब PWD के एक नए संभागीय केंद्र के रूप में उभरेगा। इसके साथ ही खड़गवां और सोनहत में नए अनुविभागीय कार्यालय तथा बैकुंठपुर में सेतु उपसंभाग कार्यालय बनाया जाएगा। यानी जिले में PWD का नेटवर्क पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत होने जा रहा है।
वित्त विभाग के 5 सितंबर 2026 के आदेश के मुताबिक प्रदेश के 19 पुराने PWD कार्यालय बंद कर उनके स्थान पर 19 नए कार्यालयों का सृजन किया गया है। इस पुनर्गठन में एक नवीन सेतु मंडल, दो नवीन संभागीय कार्यालय और 16 नए अनुविभागीय कार्यालय शामिल हैं। इसी सूची में कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण विभाग कोरिया संभाग, बैकुंठपुर (कोरिया) का नया कार्यालय शामिल किया गया है।
एक ही जिले में तीन महत्वपूर्ण बदलाव
कोरिया के लिहाज से सबसे बड़ा बदलाव संभागीय कार्यालय का है। इसके साथ ही खड़गवां और सोनहत को स्वतंत्र PWD अनुविभाग मिलने से इन क्षेत्रों के सड़क, भवन और अन्य लोक निर्माण कार्यों के लिए स्थानीय स्तर पर विभागीय निगरानी और निर्णय की व्यवस्था मजबूत होगी।
इसके अलावा बैकुंठपुर में सेतु उपसंभाग बनने से पुल-पुलिया और सेतु से संबंधित कार्यों के लिए अलग विभागीय ढांचा उपलब्ध होगा। खास बात यह है कि वित्त विभाग की सूची में पुराने सेतु उपसंभाग, मनेन्द्रगढ़ के स्थान पर सेतु उपसंभाग, बैकुंठपुर (कोरिया) बनाया गया है। इसका असर जिले में प्रस्तावित और निर्माणाधीन पुल-पुलिया परियोजनाओं की मॉनिटरिंग पर भी पड़ सकता है।
अब दूसरे संभागों पर निर्भरता होगी कम
कोरिया जिले में लंबे समय से PWD से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए प्रशासनिक स्तर पर दूसरे स्थानों पर निर्भरता रही है। नया संभाग बनने के बाद जिले की सड़क, भवन और अधोसंरचना परियोजनाओं का विभागीय नियंत्रण अधिक स्थानीय हो सकेगा। इससे टेंडर, तकनीकी स्वीकृति, निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग, भुगतान प्रक्रिया और अधिकारियों की जवाबदेही जैसे मामलों में भी बदलाव की संभावना है।
विशेषकर कोरिया जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क और पुल-पुलिया निर्माण की जरूरत को देखते हुए खड़गवां और सोनहत में नए अनुविभाग कार्यालयों का गठन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे अधिकारियों की मौके पर मौजूदगी बढ़ेगी और छोटे-बड़े निर्माण कार्यों की निगरानी स्थानीय स्तर पर की जा सकेगी।
नए कार्यालयों के साथ बढ़ेगा अमला भी
वित्त विभाग ने केवल कार्यालयों के नाम बदलने की अनुमति नहीं दी है, बल्कि नए कार्यालयों के लिए स्वीकृत सेटअप भी निर्धारित किया है। आदेश के अनुसार 19 नए कार्यालयों के लिए कुल 273 स्वीकृत सेटअप का प्रावधान है। इनमें एक नवीन सेतु मंडल के लिए 26, दो संभागीय कार्यालयों के लिए 36 और 16 अनुविभागीय कार्यालयों के लिए 211 स्वीकृत सेटअप शामिल हैं।
हालांकि आदेश में फिलहाल आकस्मिकता निधि से 200 रुपये की प्रतीकात्मक अग्रिम राशि स्वीकृत की गई है। इसके वास्तविक वित्तीय प्रावधान की प्रतिपूर्ति वर्ष 2027-28 के आगामी अनुपूरक अनुमान में की जाएगी। इसका मतलब यह है कि कार्यालयों के संचालन के लिए आवश्यक बजट और संसाधनों की वास्तविक तस्वीर आगे के बजट प्रावधानों में स्पष्ट होगी।

