नीलगिरी लकड़ी बताकर ट्रक में भरवाई जा रही थी सरई की मोटी इमारती लकड़ी, ट्रक मालिक ने लगाया साजिश का आरोप

Chandrakant Pargir

 


कोरिया । सोनहत क्षेत्र में अवैध लकड़ी परिवहन के मामले में नया खुलासा सामने आया है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज निवासी ट्रक मालिक हरिओम पाण्डेय ने सोनहत थाना में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि उनकी ट्रक को नीलगिरी लकड़ी परिवहन का झांसा देकर बुलाया गया, लेकिन मौके पर सरई की मोटी-मोटी इमारती लकड़ियां लोड कराई जा रही थीं। ट्रक मालिक ने इसे सुनियोजित साजिश बताते हुए चार लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है।


शिकायत के अनुसार ट्रक क्रमांक यूपी-70 एनटी-9299 परिवहन कार्य में लगी हुई है। ट्रक मालिक ने बताया कि उनका संपर्क पहले से ट्रांसपोर्ट एजेंट विशाल सिंह से था, जिसके माध्यम से पूर्व में भी लकड़ी परिवहन का कार्य किया जा चुका था। 11 जून 2026 को विशाल सिंह ने फोन कर बताया कि सोनहत क्षेत्र से नीलगिरी लकड़ी अम्बिकापुर तक ले जानी है और इसके लिए 45 हजार रुपये भाड़ा तय किया गया। बताया गया कि घरघोड़ा स्थित एक पेट्रोल पंप में ट्रक में 10 हजार रुपये का डीजल भी भरवाया गया।




ओदारी पहुंचने पर सामने आई हकीकत

शिकायत में कहा गया है कि चालक रामदयाल यादव और क्लीनर संजय यादव को कुछ लोगों ने सोनहत क्षेत्र के ओदारी गांव चलने के लिए कहा। आरोप है कि वन विभाग और उन्ही के संरक्षण के 4 व्यक्ति एक कार से आए और ट्रक को अपने पीछे-पीछे चलने को कहा।

चालक के अनुसार रात करीब डेढ़ बजे ट्रक ओदारी क्षेत्र पहुंचा, जहां पहले से एक जेसीबी मशीन खड़ी थी। वहां पहुंचकर चालक ने देखा कि जिस नीलगिरी लकड़ी को लोड करने की बात कही गई थी, वह वहां मौजूद नहीं थी। उसकी जगह सरई प्रजाति की बड़ी-बड़ी और मोटी इमारती लकड़ियां रखी हुई थीं, जिन्हें जेसीबी की सहायता से ट्रक में लोड किया जा रहा था। जेसीबी पहले से खड़ी थी, रात में मना करने के बाद भी लोड किया गया।


विरोध करने पर कट्टा दिखाकर धमकाने का आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जब चालक और क्लीनर ने सरई लकड़ी लोड करने का विरोध किया तो एक व्यक्ति ने कथित रूप से कट्टा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। चालक का आरोप है कि उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट भी की गई। डर के कारण चालक और क्लीनर विरोध नहीं कर सके और लकड़ी ट्रक में लोड होती रही।


वन विभाग की कार्रवाई और नए आरोप

ट्रक मालिक का कहना है कि रात करीब साढ़े तीन बजे वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ट्रक को पकड़ लिया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अवैध लकड़ी लोड कराने वाले लोग मौके पर मौजूद थे, लेकिन उनके खिलाफ तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की गई और वे वहां से चले गए। वन विभाग की टीम ने मौके।पर से जेसीबी वाहन को भी जाने दिया।  कहा आप जेसीबी लेकर चले जाओ।

शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया है कि उनके चालक के मोबाइल फोन में संबंधित लोगों के मोबाइल नंबर और बातचीत का रिकॉर्ड मौजूद है, जिससे पूरे घटनाक्रम की जांच की जा सकती है। उन्होंने पुलिस से कॉल डिटेल, मोबाइल डेटा और अन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की मांग की है।


चार लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज करने की मांग

हरिओम पाण्डेय ने अपनी शिकायत में  4 लोगो के खिलाफ धोखाधड़ी, धमकी, मारपीट और अवैध लकड़ी परिवहन से जुड़े प्रकरण में अपराध दर्ज करने की मांग की है। उनका कहना है कि ट्रक मालिक और चालक को गलत जानकारी देकर इस मामले में फंसाया गया है।


जांच के बाद स्पष्ट होगी सच्चाई

मामले में लगाए गए सभी आरोप शिकायतकर्ता के आवेदन पर आधारित हैं। पुलिस द्वारा जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अवैध लकड़ी परिवहन, कथित धमकी और अन्य आरोपों में वास्तविक तथ्य क्या हैं तथा किन लोगों की भूमिका सामने आती है। फिलहाल यह मामला सोनहत क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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