कोरिया। कोरिया जिले के चर्चित नवगई तिहरे हत्याकांड को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। सोमवार को बैकुंठपुर प्रवास के दौरान उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और कहा कि परिवार के लोग डरे हुए हैं तथा उन्हें स्थानीय पुलिस और प्रशासन पर भरोसा नहीं रह गया है।
भूपेश बघेल ने कहा कि परिजनों ने उन्हें लिखित आवेदन भी सौंपा है। उनके अनुसार सामने आई जानकारी से प्रतीत होता है कि पहले मामूली विवाद के समाधान के नाम पर मृतकों को बुलाया गया और फिर सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया गया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार वाहन को टक्कर मारने, लोगों के लापता होने और बाद में वाहन में आग लगने की घटना सामने आई है, वह मानवता को शर्मसार करने वाली है। उन्होंने कहा कि यह सामान्य आपराधिक घटना नहीं बल्कि पूर्व नियोजित और बर्बर हत्या का मामला प्रतीत होता है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने पुलिस जांच पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि घटना के बाद प्रारंभिक स्तर पर अलग-अलग तरह की बातें सामने आईं, आरोपियों ने दूसरे जिले में आत्मसमर्पण किया, लेकिन पुलिस ने आरोपियों से पर्याप्त पूछताछ या रिमांड नहीं लिया और सीधे जेल भेज दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले में पुलिस की भूमिका संदेह के घेरे में है तथा राजनीतिक संरक्षण की आशंका भी दिखाई दे रही है। उनका कहना था कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी प्रशासन द्वारा विस्तृत प्रेस वार्ता नहीं की गई, जिससे संदेह और बढ़ता है।
भूपेश बघेल ने कहा कि पीड़ित परिवारों की प्रमुख मांग सीबीआई जांच, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और सुरक्षा प्रदान किए जाने की है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए संबंधित थाना प्रभारी से लेकर अन्य जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों का तत्काल स्थानांतरण और उनके विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार से मामले को तत्काल सीबीआई को सौंपने की मांग करते हुए कहा कि इससे जनता का कानून व्यवस्था पर विश्वास कायम रहेगा।
उन्होंने अवैध रेत उत्खनन के मुद्दे पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि अवैध खनन जारी है तो खनिज विभाग की कार्यप्रणाली की भी जांच होनी चाहिए। वहीं बुलडोजर कार्रवाई संबंधी चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई होनी चाहिए और किसी भी प्रकार की मनमानी उचित नहीं है।
शिक्षा मंत्री के बयान पर तंज कसते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश में अभी तक कई विद्यार्थियों को समय पर पुस्तकें, यूनिफॉर्म और अन्य सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं, इसलिए सरकार को पहले शिक्षा व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए।






