एमसीबी/भरतपुर। एमसीबी जिले के भरतपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत घटई में अवैध रेत उत्खनन को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। जिला पंचायत सदस्य एवं कृषि स्थायी समिति सभापति सुखमंती सिंह तथा पूर्व सरपंच शांति बैगा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी पहुंच गए और अवैध रेत खनन का विरोध करते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से नदी में बड़े पैमाने पर मशीनों और हाइवा वाहनों के माध्यम से अवैध रेत उत्खनन किया जा रहा था, जिससे नदी का स्वरूप बिगड़ रहा है और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में लगातार रेत माफियाओं की गतिविधियां बढ़ती जा रही थीं। सूचना मिलने पर जिला पंचायत सदस्य सुखमंती सिंह मौके पर पहुंचीं और ग्रामीणों के साथ खदान क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कथित तौर पर कई अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद जिला पंचायत सदस्य ने जिला खनिज अधिकारी को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी और तत्काल कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन को पहले से अवैध उत्खनन की जानकारी होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही थी। प्रदर्शन के दौरान कुछ ग्रामीणों ने तहसीलदार पर दबाव बनाने और हाइवा वाहनों को वहां से हटाने में सहयोग करने के आरोप भी लगाए, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।
ग्रामीणों के तीखे विरोध और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन हरकत में आया। मौके पर पहुंची टीम ने कार्रवाई करते हुए 33 हाइवा वाहनों और एक पोकलेन मशीन को जब्त किया। बिना रेत भरे कई वाहनों को बैरंग लौटाया गया। जब्त पोकलेन मशीन को ग्राम पंचायत भवन में रखवाया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध रेत उत्खनन में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर रोक लग सके।
इस दौरान उषा सिंह, भारत कुशवाहा, अशोक पनिका, लल्लूराम, पिंटू वर्मन, जागरखन वर्मन, रामनारायण बैगा, रविकुमार मौर्य, गणेश प्रसाद मौर्य, छोटेलाल मौर्य, ज्वाला प्रसाद, नीलेन्द्र सिंह, आशु सिंह, रामलखन पनिका, जीरो प्रसाद वर्मन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।





