भैयाथान/सूरजपुर। ग्राम पंचायत करौंदामुड़ा के ग्रामीणों ने बंदोबस्त एवं राजस्व सीमा निर्धारण में हुई कथित तकनीकी त्रुटि को लेकर जिला प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 1995 के बंदोबस्त और वर्ष 1998 में जिला कोरिया के गठन के दौरान हुई गलती के कारण करौंदामुड़ा के लगभग 20 घरों और करीब 30 हेक्टेयर भूमि को त्रुटिवश जिला कोरिया के ग्राम पंचायत सोरंगा के राजस्व नक्शे में शामिल कर दिया गया। जबकि प्रभावित परिवार पीढ़ियों से ग्राम करौंदामुड़ा, तहसील भैयाथान और जिला सूरजपुर से जुड़े हुए हैं तथा सभी शासकीय दस्तावेज और योजनाओं का लाभ भी यहीं से प्राप्त करते रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार हाल ही में जनगणना कार्य के दौरान यह मामला फिर सामने आया। पंचायत स्तर पर घरों की सूची तैयार होने के बाद संबंधित पटवारी ने बताया कि राजस्व नक्शे में यह क्षेत्र कोरिया जिले में दर्ज है, इसलिए इन परिवारों की जनगणना सूरजपुर जिले में नहीं की जा सकेगी। इसके बाद ग्रामीणों ने तहसीलदार भैयाथान को मामले की जानकारी दी। जांच के लिए दोनों जिलों की राजस्व टीम भी मौके पर पहुंची, लेकिन प्रभावित परिवारों का कहना है कि समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया है। इससे लोगों में भ्रम और चिंता की स्थिति बनी हुई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले लगभग 30 वर्षों से वे इस त्रुटि का खामियाजा भुगत रहे हैं। कई बार तहसील और जिला प्रशासन को आवेदन देने के बावजूद पूरे क्षेत्र का राजस्व अभिलेखों में संशोधन नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ व्यक्तिगत मामलों में रिकॉर्ड सुधार कर भूमि को सूरजपुर जिले में दर्ज किया जा चुका है, लेकिन पूरे प्रभावित क्षेत्र के मामले में अब तक कार्रवाई लंबित है।
ग्रामीणों ने कलेक्टर कोरिया को ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, बंदोबस्त त्रुटि का स्थायी निराकरण करने तथा सभी प्रभावित परिवारों की भूमि, जनगणना और अन्य शासकीय रिकॉर्ड को पूर्ववत जिला सूरजपुर में दर्ज रखने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासनिक देरी के कारण अब जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं, जिससे भविष्य में राजस्व, पंचायत और शासकीय योजनाओं से जुड़े नए विवाद खड़े होने की आशंका बढ़ गई है।

