बैकुंठपुर/सोनहत। कोरिया जिले के कुशहा में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम के दौरान जनपद पंचायत सोनहत के प्रभारी सीईओ को लेकर एक अलग ही राजनीतिक और प्रशासनिक माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के समक्ष प्रभारी सीईओ की शिकायत किए जाने की चर्चा सामने आते ही प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। आरोप है कि शिकायत को रोकने और मामले को “मैनेज” करने के लिए संबंधित लोगों पर दबाव बनाया गया।
जानकारी के अनुसार, पूर्व में राज्य सरकार द्वारा पदस्थ महिला सीईओ को हटाकर फिर से पूर्व प्रभारी सीईओ को जिम्मेदारी सौंप दी गई। इसे लेकर क्षेत्र में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि कांग्रेस शासनकाल में हुए कथित घोटालों से जुड़े कुछ सचिवों पर कार्रवाई के बजाय उन्हें संरक्षण दिया जा रहा था। महिला सीईओ के कार्यकाल में जिन सचिवों पर सख्ती बढ़ी थी, उनके खिलाफ कार्रवाई की संभावना बनी हुई थी, लेकिन उनके हटते ही स्थिति बदल गई और संबंधित सचिवों की फिर से पकड़ मजबूत हो गई।
सुशासन तिहार के दौरान यह खबर फैली कि कुछ सरपंच और जनप्रतिनिधि मुख्यमंत्री से प्रभारी सीईओ की शिकायत करने वाले हैं। इसके बाद कथित तौर पर शिकायतकर्ताओं को बुलाकर मामला शांत कराने की कोशिश शुरू हुई। आरोप यह भी है कि कई सरपंचों को यह कहकर चेतावनी दी गई कि यदि शिकायत की गई तो उनके कार्यों की जांच कराई जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में यह चर्चा तेज हो गई है कि भाजपा सरकार में भी स्थानीय स्तर पर विरोध के स्वर दबाने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सुशासन तिहार जैसे कार्यक्रम में सामने आए इस घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।


