जलजीवन मिशन के अधूरे कार्यों पर ठेकेदारों की बेरुखी, बैठक में नहीं पहुंच रहे जिम्मेदार, 85% काम अधूरा

Chandrakant Pargir

 


बैकुंठपुर। 11 मई। कोरिया जिले में जलजीवन मिशन के तहत चल रहे अधूरे कार्य अब विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। विभाग में नवपदस्थ कार्यपालन अभियंता मनोज सिंह द्वारा लगातार बैठक बुलाए जाने के बावजूद संबंधित ठेकेदार विभाग के सामने उपस्थित होने तक को तैयार नहीं हैं। कई बार सूचना जारी होने के बाद भी ठेकेदारों के बैठक में नहीं पहुंचने से विभागीय कार्यप्रणाली और योजनाओं की प्रगति पर सवाल खड़े होने लगे हैं।



जानकारी के अनुसार जिले में जलजीवन मिशन के तहत कुल 216 पानी टंकियों का निर्माण किया जाना था, लेकिन चार वर्षों के लंबे समय के बाद भी केवल 32 टंकियों का निर्माण पूर्ण हो पाया है और उन्हीं में जलापूर्ति शुरू हो सकी है। शेष 184 पानी टंकियां अब भी निर्माणाधीन बताई जा रही हैं। सूत्रों के मुताबिक अधिकांश ठेकेदारों को 50 प्रतिशत से अधिक भुगतान भी किया जा चुका है, इसके बावजूद कार्यों की रफ्तार बेहद धीमी बनी हुई है।



वहीं समूह जल प्रदाय योजना के तहत फिलहाल केवल बरदिया क्षेत्र में कार्य होते दिखाई दे रहे हैं, लेकिन वहां भी निर्माण कार्य की गति धीमी है। इस योजना के माध्यम से 135 गांवों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि अन्य गांवों में ट्यूबवेल के जरिए जलापूर्ति की व्यवस्था प्रस्तावित है। ग्रामीण क्षेत्रों में गर्मी के बीच पेयजल संकट गहराने लगा है और लोगों को अब भी योजना के पूर्ण होने का इंतजार है।



स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जमीनी स्तर पर अपेक्षित परिणाम नजर नहीं आ रहे हैं। अब देखना होगा कि विभागीय अधिकारी अधूरे कार्यों को पूरा कराने और ठेकेदारों की जवाबदेही तय करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।

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