बैकुंठपुर। कोरिया जिले के बैकुंठपुर तहसील अंतर्गत ग्राम सारा के रहने वाले ठेका मजदूर तीरथ की करंट लगने से हुई दर्दनाक मौत ने एक बार फिर श्रमिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना करीब 8 दिन पहले बिजली विभाग के गेज स्थित पावर हाउस में हुई, जहां तीरथ बिजली से संबंधित कार्य कर रहे थे। इसी दौरान अचानक करंट प्रवाहित होने से वे नीचे गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद उन्हें तत्काल रायपुर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। गुरुवार सुबह जब उनका शव गांव पहुंचा, तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। मृतक अपने पीछे चार छोटे बच्चों और परिजनों को छोड़ गया है, जिनके सामने अब आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
इस पूरे मामले में सबसे चिंताजनक पहलू यह रहा कि हादसे के बाद से लेकर मौत तक बिजली विभाग के किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने न तो घायल मजदूर की सुध ली और न ही परिवार से संपर्क किया। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी गई।
मामले की जानकारी मिलने पर पूर्व विधायक अंबिका सिंहदेव गांव पहुंचीं और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा की और शव रखकर आंदोलन की तैयारी कर रहे लोगों को समझाइश देते हुए कहा कि पहले अंतिम संस्कार किया जाए, उसके बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और उचित मुआवजे के लिए आवाज उठाई जाएगी।
आज 1 मई, मजदूर दिवस के दिन यह घटना श्रमिकों की सुरक्षा और अधिकारों की जमीनी हकीकत को उजागर करती है। एक ओर मजदूरों के सम्मान की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर ठेका मजदूर बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों और मानकों के जोखिम भरे काम करने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि मृतक के परिवार को उचित मुआवजा, एक सदस्य को नौकरी और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।




