मनेन्द्रगढ़। एमसीबी जिले में 29 अप्रैल 2026 को “सही दवा शुद्ध आहार, यही छत्तीसगढ़ का आधार” अभियान के तहत कलेक्टर के निर्देश एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम द्वारा व्यापक जांच और जनजागरूकता अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई मनेंद्रगढ़, झगराखंड और खोंगापानी क्षेत्र में की गई, जहां टीम ने खाद्य प्रतिष्ठानों और दवा दुकानों का औचक निरीक्षण किया।
खाद्य शाखा की टीम ने निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं पाई। मोहनलाल साहू जलजीरा दुकान में एक्सपायर विनेगर सिरप की दो बोतलें मिलने पर उसे मौके पर नष्ट कराया गया और दुकानदार को सख्त चेतावनी दी गई। वहीं प्रांशु गुप्ता की चाट दुकान में अखाद्य रंग का उपयोग पाए जाने पर करीब 5 किलो चाट नष्ट कराया गया। इसके अलावा मनेंद्रगढ़ क्षेत्र में संचालित गन्ना रस एवं आइसक्रीम दुकानों—जैसे बैजनाथ, मोहम्मद सलमान, अरमान, प्रकाश सोनी एवं भोलेनाथ आईसक्रीम—का निरीक्षण कर बर्फ की सिल्ली और आइस बॉक्स हटवाए गए तथा साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए गए। डेयरी प्रतिष्ठानों में भी कार्रवाई करते हुए जया डेयरी और सिंह डेयरी से पनीर, दही एवं दूध के नमूने जांच के लिए लिए गए, जबकि कृष्णा डेयरी को खाद्य पंजीयन प्रस्तुत करने के लिए तीन दिन का समय दिया गया।
वहीं औषधि शाखा की टीम ने मनेंद्रगढ़, झगराखंड, अमखेरवा, मौहरपारा और मेन मार्केट क्षेत्र में संचालित थोक एवं रिटेल दवा दुकानों का निरीक्षण किया। कुल 14 फर्मों की जांच के दौरान संदेह के आधार पर दो दवाओं के नमूने रायपुर स्थित प्रयोगशाला में गुणवत्ता परीक्षण के लिए भेजे गए। साथ ही तीन फर्मों में औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम 1940 एवं नियम 1945 के तहत अनियमितताएं पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने की अनुशंसा की गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 15 दिवसीय इस सघन अभियान के दौरान जिले में लगातार निरीक्षण और कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि आमजन को शुद्ध खाद्य सामग्री और सुरक्षित दवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।



