“सही दवा-शुद्ध आहार” अभियान: 15 दिनों तक चलेगी सघन जांच, खाद्य व दवा गुणवत्ता पर रहेगा फोकस, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने जारी किए दिशा निर्देश

Chandrakant Pargir

 


नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव  अमित कटारिया  द्वारा प्रदेश के सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी करते हुए 27 अप्रैल से 11 मई 2026 तक “सही दवा-शुद्ध आहार-यही छत्तीसगढ़ का आधार” थीम पर 15 दिवसीय सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इस अभियान का उद्देश्य प्रदेश के नागरिकों को सुरक्षित, गुणवत्तायुक्त एवं मानक अनुरूप खाद्य पदार्थ और दवाएं उपलब्ध कराना है, साथ ही मिलावट, नकली दवाओं और अवैध बिक्री पर सख्ती से नियंत्रण करना भी है।



अभियान के तहत जिला स्तर पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन, राजस्व तथा पुलिस विभाग के संयुक्त अमले से दो अलग-अलग टीमें गठित की जाएंगी। खाद्य प्रकोष्ठ में अभिहित अधिकारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी व नमूना सहायक के साथ राजस्व व पुलिस के अधिकारी शामिल होंगे, वहीं औषधि प्रकोष्ठ में सहायक औषधि नियंत्रक, औषधि निरीक्षक एवं अन्य संबंधित अधिकारियों की टीम बनाई जाएगी। इन टीमों द्वारा कलेक्टर के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में तय कार्यक्रम के अनुसार प्रतिदिन अलग-अलग प्रतिष्ठानों में जांच की जाएगी।

खाद्य प्रकोष्ठ के अंतर्गत पहले दिन स्ट्रीट फूड विक्रेताओं जैसे चाट-गुपचुप सेंटरों की जांच से शुरुआत होगी, जबकि आगे के दिनों में जूस, आइसक्रीम, डेयरी उत्पाद, मिठाई दुकानों, होटल-रेस्टोरेंट, बेकरी, मिड-डे मील केंद्र, पैकेज्ड वाटर, ढाबों और फल-सब्जी विक्रेताओं की सघन जांच की जाएगी। इस दौरान स्वच्छता, खाद्य गुणवत्ता, लाइसेंस, नमूना संग्रहण और जन-जागरूकता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

वहीं औषधि प्रकोष्ठ के तहत कॉस्मेटिक और दवा विक्रेताओं, थोक एवं खुदरा मेडिकल स्टोर्स, ग्रामीण क्षेत्रों के विक्रय केंद्रों की जांच की जाएगी। इसके अलावा अस्पतालों और वैक्सीन स्टोरेज में कोल्ड चेन की स्थिति का निरीक्षण, स्वापक एवं मनःप्रभावी औषधियों के क्रय-विक्रय की जांच, तथा कोटपा अधिनियम के तहत कार्रवाई भी अभियान का हिस्सा रहेगी। निजी और शासकीय अस्पतालों की फार्मेसी में दवा वितरण और एडवर्स ड्रग इवेंट रिपोर्टिंग प्रणाली की भी समीक्षा की जाएगी।

अभियान के दौरान संदिग्ध खाद्य एवं औषधियों के नमूने एकत्र किए जाएंगे, अनियमितताओं पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी तथा आम जनता और कारोबारियों के बीच जागरूकता बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। साथ ही प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त कर प्रतिदिन की कार्रवाई की रिपोर्ट नवा रायपुर स्थित नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन कार्यालय को भेजना अनिवार्य किया गया है।

राज्य सरकार ने कलेक्टरों से अपेक्षा की है कि वे व्यक्तिगत रुचि लेकर इस अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता दें, ताकि आम जनता को सुरक्षित भोजन और प्रभावी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके और जनस्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सके।

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