जल संरक्षण के दावों की खुली पोल, बैकुंठपुर में सरकारी कुएं को कचरे से पाटा जा रहा

Chandrakant Pargir

 


बैकुंठपुर। कोरिया जिले के मुख्यालय बैकुंठपुर में जल संरक्षण के दावों के बीच एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। शहर के हृदयस्थल कुमार चौक, बालमंदिर के ठीक बगल में स्थित एक पुराने सरकारी कुएं को कचरे से भरकर पाटने की तैयारी की जा रही है।




स्थानीय लोगों के अनुसार, यह कुआं कभी आसपास के मोहल्लेवासियों के लिए शुद्ध पेयजल का प्रमुख स्रोत हुआ करता था। इसमें सालभर पर्याप्त पानी रहता था और समय-समय पर इसका जीर्णोद्धार भी कराया गया था।




लेकिन बीते डेढ़ वर्ष से इस कुएं में लगातार कचरा डाला जा रहा है, जिससे यह अब पूरी तरह खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है। हैरानी की बात यह है कि एक ओर प्रशासन जल संरक्षण और जल स्रोतों के संरक्षण की बात करता है, वहीं दूसरी ओर ऐसे महत्वपूर्ण जल स्रोतों की अनदेखी की जा रही है।




विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार गिरते भूजल स्तर और बढ़ती गर्मी के दौर में पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण बेहद जरूरी है। ऐसे में एक उपयोगी कुएं को समाप्त करना न सिर्फ लापरवाही है, बल्कि भविष्य के जल संकट को और गहरा करने वाला कदम भी साबित हो सकता है।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस कुएं को तत्काल कचरे से मुक्त कराकर पुनः उपयोगी बनाया जाए, ताकि आने वाले समय में जल संकट से राहत मिल सके।

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