कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में इन दिनों पेयजल संकट गहराता जा रहा है। पुलिस लाइन और सिटी कोतवाली के पास स्थित पानी की टंकियों से बीते 15 दिनों से लगातार पानी चोरी होने का मामला सामने आया है, जिसके चलते प्रेमाबाग और गढेलपारा क्षेत्र के लोगों को पीने के पानी के लिए जूझना पड़ रहा है।
मंगलवार की शाम और बुधवार की सुबह प्रेमाबाग एवं गढेलपारा के कई इलाकों में लोगों को पानी की एक बूंद तक नसीब नहीं हुई। जानकारी के अनुसार नगर पालिका द्वारा सप्लाई किए जाने वाले पानी की लागत करीब 45 पैसे प्रति लीटर बताई जाती है। ऐसे में पुलिस लाइन स्थित दो टंकियों में रोजाना लगभग 7 लाख लीटर पानी भरा जाता है, लेकिन इसके बावजूद भारी मात्रा में पानी गायब हो रहा है। लोगो ने नगर पालिका प्रशासन से पानी की टंकियों में सीसीटीवी लगाए जाने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि दोनों टंकियों के वाल्व पूरी तरह असुरक्षित हैं और इन्हें आसानी से खोला जा सकता है। पुलिस रेस्ट हाउस के पास स्थित टंकी में भले ही गेट पर ताला लगा हो, लेकिन दूसरी ओर दीवार के पास मलबा डाले जाने से कोई भी व्यक्ति अंदर पहुंचकर वाल्व खोल सकता है। इसी तरह सिटी कोतवाली के पास बनी टंकी की सुरक्षा व्यवस्था भी लचर बनी हुई है। कई बार सड़कों पर पानी बहते देखा गया है, जिससे चोरी की आशंका और गहरा गई है।
बताया जा रहा है कि पुलिस लाइन में बनी नई कॉलोनी के लिए अलग से पानी की टंकी नहीं बनाई गई है, जबकि नगर पालिका का नियमित कनेक्शन भी सीमित लोगों के पास ही है। ऐसे में कुछ लोग रात के समय वाल्व खोलकर अवैध रूप से पानी की सप्लाई कर रहे हैं।
पुलिस लाइन के लिए दो टंकियों के अलावा गढेलपारा स्थित पंप हाउस से भी पानी उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन इसके बावजूद पानी की कमी बनी हुई है। पंप ऑपरेटर का कहना है कि पिछले 15 दिनों से लगातार पानी की खपत और कमी को लेकर अधिकारियों को जानकारी दी जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
स्थिति गंभीर, टैंकर से आपूर्ति की तैयारी
लगातार दो दिनों से पानी नहीं मिलने के कारण स्थिति गंभीर हो गई है। प्रशासन द्वारा फिलहाल टैंकर के माध्यम से प्रेमाबाग और गढेलपारा में पानी पहुंचाने की तैयारी की जा रही है, पानी चोरी की इस गंभीर समस्या ने न सिर्फ सरकारी संसाधनों को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि आम जनता को भी संकट में डाल दिया है। समय रहते यदि इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी विकट हो सकती है।




