बैकुंठपुर। कोरिया जिले के लोक निर्माण विभाग द्वारा 1 करोड़ 21 लाख रुपये की लागत से निर्मित जमगहना हायर सेकेंडरी स्कूल के भवन में हुई लापरवाही का मामला लगातार गंभीर रूप लेता जा रहा है। गुणवत्ताहीन निर्माण की खबर सामने आने के बाद विभाग के अधिकारियों ने सिर्फ उसी हिस्से में प्लास्टर ठीक किया, जहां दीवार हाथ लगाने से ही उखड़ रही थी। जबकि तकनीकी रूप से पूरी दीवार का प्लास्टर हटाकर दोबारा किया जाना आवश्यक था। मौके पर किया गया यह सतही सुधार निर्माण की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
जांच में यह तथ्य सामने आया है कि जिस एसडीओ को इस प्रकरण में जवाब देना था और जो लगातार सवालों से बचते दिखाई दे रहे थे, वही इस स्कूल भवन के निर्माण कार्य में इंजीनियर के रूप में तैनात थे। उनकी निगरानी में लगभग 80 प्रतिशत काम पूरा हुआ और इसी दौरान भवन की गुणवत्ता प्रभावित हुई। बताया गया कि कार्य के दौरान निरीक्षण और निगरानी की जिम्मेदारी का सही पालन नहीं किया गया, जिससे करोड़ों की लागत वाली यह इमारत शुरुआत से ही तकनीकी त्रुटियों से घिरती चली गई।
क्षेत्र के जनपद सदस्य और शाला विकास समिति के सांसद प्रतिनिधि ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कठोर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि भवन के हैंडओवर से पहले ही बारिश का पानी अंदर रिसने लगा था, जिसकी लिखित शिकायत भी की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों की लागत से छात्रों के लिए तैयार किया गया यह शैक्षणिक भवन अधिकारियों और ठेकेदारों की लापरवाही का शिकार बन गया है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों पर सवाल उठते हैं।
जनप्रतिनिधियों ने खोला मोर्चा




