सारा जलाशय की 10 वर्षीय लीज पर फैसला अटका, आदिवासी मछुआरा समिति ने कलेक्टर से लगाई गुहार

Chandrakant Pargir

 


जनपद पंचायत का प्रस्ताव लंबित, सारा जलाशय की 10 वर्षीय लीज अटकी

कोरिया।
जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत सारा में स्थित सारा जलाशय को मत्स्यपालन एवं मत्स्याखेट हेतु 10 वर्ष की अवधि के लिए मिलन आदिवासी मछुवा सहकारी समिति मर्यादित, सलबा को लीज पर दिए जाने का प्रस्ताव अब तक अमल में नहीं आ सका है। जबकि इस संबंध में जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर की सामान्य सभा की बैठक दिनांक 01 दिसंबर 2025 में प्रस्ताव क्रमांक 03 के तहत सर्वसम्मति से निर्णय लिया जा चुका है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, माननीय कलेक्टर न्यायालय कोरिया द्वारा दिनांक 20 नवंबर 2025 को अपील प्रकरण में पारित आदेश के बाद यह विषय पुनः जनपद पंचायत की सामान्य सभा में रखा गया था। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि ग्राम पंचायत सलबा में पंजीकृत मिलन आदिवासी मछुवा सहकारी समिति मर्यादित, सलबा (पंजीयन क्रमांक 1862, दिनांक 30 मार्च 1995) के सभी 25 सदस्य अनुसूचित जनजाति वर्ग से हैं तथा समिति का कार्यक्षेत्र सारा जलाशय से संबद्ध है। पात्रता के सभी मापदंड पूर्ण पाए जाने पर समिति को 10 वर्ष की लीज पर जलाशय आवंटित करने का प्रस्ताव पारित किया गया।

हालांकि, प्रस्ताव पारित हुए दस दिवस से अधिक समय बीत जाने के बावजूद जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा लीज आवंटन से संबंधित प्रस्ताव एवं प्रकरण सहायक संचालक मत्स्य विभाग, जिला कोरिया को प्रेषित नहीं किया गया है। समिति का आरोप है कि इस मामले में अनावश्यक विलंब और टालमटोल की जा रही है, जिससे आदिवासी मछुआरों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।

इस स्थिति को लेकर मिलन आदिवासी मछुवा सहकारी समिति मर्यादित, सलबा ने कलेक्टर कोरिया से मांग की है कि जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देशित कर सामान्य सभा के प्रस्ताव के अनुरूप सारा जलाशय को शीघ्र 10 वर्षीय लीज पर आवंटित कराने की कार्रवाई कराई जाए। अब देखना होगा कि प्रशासन इस लंबित प्रस्ताव पर कब तक ठोस निर्णय लेता है।


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