बैकुंठपुर। विशेष न्यायाधीश, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम – NDPS) शैलेश कुमार तिवारी की अदालत ने वर्ष 2020 के गांजा जप्ती मामले में आरोपी रवि दास वैष्णव (23 वर्ष) निवासी सुभाष नगर, थाना चरचा को दोषी करार देते हुए 5 वर्ष का कठोर कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं भरने की स्थिति में अदालत ने 3 माह अतिरिक्त कठोर कारावास का प्रावधान रखा है। यह फैसला विशेष आप. प्र. क्र. 02/2021 के तहत 01 दिसंबर 2025 को सुनाया गया।
अभियोजन के अनुसार दिनांक 03 जुलाई 2020 को पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 6 किलो 160 ग्राम गांजा बरामद किया था, जो NDPS एक्ट की धारा 20(b)(ii)(B) के तहत अल्प मात्रा से अधिक परंतु वाणिज्यिक मात्रा से कम की श्रेणी में आता है। प्रकरण में अभियोजन की ओर से विद्वान लोक अभियोजक श्रीमती कामिनी राजवाड़े ने तर्क देते हुए कहा कि नशे के बढ़ते अवैध व्यापार और युवाओं में इसकी बढ़ती प्रवृत्ति को देखते हुए कठोर दंड आवश्यक है। वहीं, बचाव पक्ष के विद्वान अधिवक्ता ए. आर. खान ने आरोपी की कम आयु और प्रथम अपराध होने का हवाला देते हुए न्यूनतम दंड देने की मांग की।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करते हुए आरोपी को दोषी पाया और सजा सुनाते हुए उसके पूर्व जमानत-मुचलकों को निरस्त कर दिया। न्यायालय ने आरोपी को तत्काल न्यायिक अभिरक्षा में लेने तथा सजा वारंट जारी कर जिला जेल बैकुंठपुर भेजने के निर्देश दिए। इसके साथ ही आरोपी द्वारा विचारण अवधि में न्यायिक अभिरक्षा में बिताए गए समय को दंड अवधि से समायोजित करने का आदेश भी दिया गया।
फैसले में अदालत ने जप्त 6 किलो 260 ग्राम गांजा (शुद्ध वजन 6 किलो 160 ग्राम) को अपील अवधि बाद नष्ट करने हेतु औषधि निपटान समिति के सुपुर्द करने का निर्देश दिया। आरोपी से जप्त बताई गई 200 रुपये की राशि को आरोपी द्वारा इंकार करने के बावजूद शासन के पक्ष में राजसात किया गया। साथ ही जेल अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि वे आरोपी को 7 दिनों के भीतर अपील के अधिकार से अवगत कराएं और आवश्यकता होने पर विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से अपील दायर कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

