कोरिया।नलोक निर्माण विभाग द्वारा 1 करोड़ 21 लाख की लागत से नव-निर्मित जमगहना हायर सेकेंडरी स्कूल भवन को लेकर पहले से ही निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे थे। अब मामले में एक और गंभीर अनियमितता सामने आई है। सूत्रों के अनुसार भवन निर्माण के लिए स्वीकृत राशि में से कार्य पूरा होने के बाद कुछ राशि बच गई। नियमानुसार बची राशि को शिक्षा विभाग को लौटाया जाना चाहिए था, और यदि किसी अन्य कार्य के लिए इसका उपयोग आवश्यक होता, तो उसके लिए अलग से नया टेंडर जारी किया जाना था।
लेकिन ऐसा नहीं किया गया। विभाग ने बची राशि से उसी ठेकेदार को स्कूल भवन से काफी आगे तक सीसी सड़क निर्माण का काम दे दिया, जबकि मूल एस्टीमेट में इस सड़क का कोई उल्लेख नहीं था। सबसे गंभीर बात यह कि शिक्षा विभाग से इस अतिरिक्त निर्माण के लिए किसी प्रकार की अनुमति भी नहीं ली गई। इससे बेरोजगार इंजीनियरों को अवसर मिलने की संभावना भी समाप्त हो गई और निर्माण की गुणवत्ता पर भी प्रश्न उठ रहे हैं।
सूत्र बताते हैं कि यह पूरा कार्य नियम विरुद्ध तरीके से अनुबंधित ठेकेदार को दे दिया गया, जो प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
इधर, जमगहना स्कूल के सांसद प्रतिनिधि ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि बिना अनुमति और बिना टेंडर किए गए इस निर्माण में शामिल जिम्मेदार अधिकारियों व इंजीनियरों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने विभागीय कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर क्या कदम उठाता है।



