बैकुंठपुर नगर पालिका की डोर टू डोर कचरा कलेक्शन करने वाले ई-रिक्शा योजना पर सवाल, 15 महीने में 10 में से 9 वाहन कबाड़

Chandrakant Pargir


 बैकुंठपुर (कोरिया)। महिलाओं की सहूलियत और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से बैकुंठपुर नगर पालिका द्वारा लगभग 15 महीने पहले 10 ई-रिक्शा खरीदे गए थे, लेकिन यह योजना अब पूरी तरह सवालों के घेरे में आ गई है। वर्तमान स्थिति यह है कि खरीदे गए 10 ई-रिक्शाओं में से 9 ई-रिक्शा खराब होकर कबाड़ बन चुके हैं, जबकि सिर्फ एक ई-रिक्शा ही चलने लायक बचा है।



इन ई-रिक्शाओं के माध्यम से महिलाएं डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण का कार्य करती थीं। ई-रिक्शाओं में लाउडस्पीकर और घंटी लगी होने से मोहल्लों में सूचना देना आसान होता था और कचरा संग्रहण का कार्य तेजी से हो रहा था। अब अधिकांश ई-रिक्शा खराब हो जाने से सफाई व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है।



जानकारी के अनुसार ई-रिक्शा खरीदी के महज एक महीने बाद ही वाहन खराब होने लगे थे। किसी ई-रिक्शा की बैटरी खराब हो गई तो किसी का स्टार्टर जवाब दे गया। इस तरह एक-एक कर 9 ई-रिक्शा खराब होते चले गए और अब सभी बेकार हालत में खड़े हैं।


इधर, ई-रिक्शा योजना की बची हुई राशि को निकालने का प्रस्ताव 12 दिसंबर को हुई नगर परिषद की बैठक में रखा जाना था, लेकिन उपाध्यक्ष सहित कुछ पार्षदों के विरोध के बाद राशि निकालने पर सहमति नहीं बन सकी। पार्षदों ने खरीदी की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर सवाल उठाए।


गौरतलब है कि 48 वोल्ट के इन ई-रिक्शाओं की खरीदी के दौरान बैटरी सहित अन्य पार्ट्स पर गारंटी होने की बात कही गई थी। बताया जाता है कि ई-रिक्शा की बैटरी पर 3 साल की गारंटी होती है, इसके बावजूद इतने कम समय में वाहनों का खराब हो जाना संदेह को जन्म दे रहा है।


ई-रिक्शा खरीदी को लेकर अब नगरवासियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा पूरे मामले की जांच की मांग की जा रही है। लोगों का कहना है कि जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि खरीदी में लापरवाही हुई है या गुणवत्ता से समझौता किया गया है।

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