अदानी को जमीन देने का आरोप, चुनाव बहिष्कार पर अडिग जोगी, नक्सलवाद पर भी बोला हमला—“जवानों का मनोबल तोड़ने की कोशिश”

Chandrakant Pargir

 


बैकुंठपुर। कोरिया पहुंचे छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के अध्यक्ष अमित जोगी ने मीडिया से चर्चा के दौरान प्रदेश की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। जोगी ने दावा किया कि 25 नवंबर 2025 को अवकाश के दिन अदानी समूह को सरगुजा संभाग की जिस जमीन का आवंटन किया गया, वह वर्ष 2002 में उनके पिता स्वर्गीय अजीत जोगी द्वारा एलिफेंट रिज़र्व के लिए आरक्षित की गई थी। उन्होंने कहा कि “रात के अंधेरे में और छुट्टी के दिन” लिया गया यह निर्णय सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। जोगी ने आरोप लगाया कि विष्णुदेव साय सरकार का मुख्य उद्देश्य उत्तर छत्तीसगढ़ का कोयला, मैदानी क्षेत्रों की सीमेंट-बिजली और बस्तर का लोह अयस्क कॉर्पोरेट हितों को सौंपना है।


चुनाव व्यवस्था पर बड़ा बयान देते हुए अमित जोगी ने दोहराया कि उनकी पार्टी वर्तमान परिस्थितियों में किसी भी चुनाव में हिस्सा नहीं लेगी। उन्होंने देश के 42 मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से अपील की कि जब तक चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता स्थापित नहीं होती, सभी दल चुनावों का बहिष्कार करें। जोगी ने चुनाव आयुक्त चयन समिति से मुख्य न्यायाधीश को हटाए जाने को गलत ठहराते हुए मांग की कि चयन प्रक्रिया में भारत के मुख्य न्यायाधीश और चीफ विजिलेंस कमिश्नर को शामिल किया जाए। उन्होंने इलेक्टोरल बॉन्ड प्रणाली को “कॉर्पोरेट लाभ का जरिया” बताते हुए इसे पूरी तरह समाप्त करने की भी मांग रखी।


नक्सलवाद के मुद्दे पर जोगी ने कहा कि संविधान में आस्था न रखने वालों के प्रति सहानुभूति जताना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने पूछा कि ज़ीरम, एर्राबोर जैसी बड़ी घटनाओं के समय सरेंडर की बात क्यों नहीं की गई। जोगी ने कहा कि इस तरह के बयान सुरक्षा बलों का मनोबल कमजोर करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लड़ाई शुरू हुई है, उसे दृढ़ संकल्प के साथ उसके अंतिम परिणाम तक पहुँचाया जाना चाहिए।




#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!