बैकुंठपुर (कोरिया)। कोरिया जिले के जनसेवा और सरल स्वभाव के प्रतीक रहे पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष स्वर्गीय फलेंद्र सिंह की तीसरी पुण्यतिथि पर सोमवार को ग्राम सरभोका में श्रद्धांजलि सभा एवं मूर्ति अनावरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज, क्षेत्रीय विधायकगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि, परिवारजन एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्व. फलेंद्र सिंह की धर्मपत्नी सुमित्रा देवी सिंह द्वारा मूर्ति का अनावरण कर किया गया। कार्यक्रम स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित करने हजारों की संख्या में लोग उमड़े।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्वर्गीय फलेंद्र सिंह को नमन करते हुए कहा कि वे जनता के सच्चे हितैषी, मिलनसार और जमीन से जुड़े नेता थे। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को भी आना था, परंतु दिल्ली प्रवास के कारण वे उपस्थित नहीं हो सके। मुख्यमंत्री ने दूरभाष के माध्यम से स्व. फलेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि “स्वर्गीय फलेंद्र सिंह ने अपने कार्यकाल में ग्रामीण विकास, शिक्षा, सड़क और जनकल्याण के क्षेत्र में जो योगदान दिया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। उनके जीवन से यह सीख मिलती है कि सादगी, सेवा और समर्पण ही एक जनसेवक की सबसे बड़ी पहचान होती है।”
स्वर्गीय फलेंद्र सिंह : एक संक्षिप्त परिचय
ग्राम पंचायत सरभोका के गौटिया परिवार में जन्मे स्व. फलेंद्र सिंह का जन्म 15 जून 1950 को हुआ था। प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा सरभोका में तथा उच्चतर माध्यमिक शिक्षा रामानुज उच्च माध्यमिक विद्यालय, बैकुंठपुर से प्राप्त की। तत्पश्चात उन्होंने अंबिकापुर से उच्च शिक्षा पूरी की। विद्यार्थी जीवन के दौरान ही पिता के निधन के बाद उन्होंने जनसेवा का मार्ग चुना।
वे 1990 में ग्राम पंचायत सरभोका के निर्विरोध सरपंच निर्वाचित हुए। इसके बाद उनके जनाधार और लोकप्रियता को देखते हुए वे जनपद पंचायत अध्यक्ष, फिर मंडी अध्यक्ष बने।
वर्ष 2000 में सोनहत क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य, और 2005 में जिला पंचायत अध्यक्ष चुने गए। अपने कार्यकाल के दौरान वे छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य भी रहे।
स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद उन्होंने जीवनभर जनसेवा को प्राथमिकता दी। उनका सरल स्वभाव, जनसंपर्क और जनता से गहरा जुड़ाव ही उनकी लोकप्रियता की पहचान बना।
उनके निधन के बाद भी ग्राम सरभोका की सरपंची उनके परिवार से ही जारी है, जो उनकी जनता में अमिट छवि का प्रमाण है।
स्व. फलेंद्र सिंह का निधन 06 अक्टूबर 2022 को हुआ था। वे अपने तीन पुत्रों और तीन पुत्रियों सहित भरे-पूरे परिवार को छोड़कर पंचतत्व में विलीन हुए।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धांजलि देने पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने कहा कि स्व. फलेंद्र सिंह ने कोरिया जिले की राजनीति में जो आदर्श स्थापित किया, वह सदैव याद रखा जाएगा। उनके नाम से स्थापित यह मूर्ति आने वाली पीढ़ियों को सेवा, सादगी और समर्पण की प्रेरणा देती रहेगी।





