आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के तहत पत्थलगांव विधायक गोमती साय का संदेश — स्वदेशी अपनाएं, आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करें

Chandrakant Pargir

 


बैकुंठपुर। सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक माननीया गोमती साय ने गुरुवार को कोरिया जिले के बैकुंठपुर रेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने जीएसटी क्रांति, आयकर दरों में ऐतिहासिक छूट और कर कानूनों के सरलीकरण के माध्यम से “विकसित भारत” की राह को सशक्त बनाया है।



 सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय ने कहा कि मोदीजी ने कोविड महामारी के कठिन समय में ‘आत्मनिर्भर भारत’ का मंत्र दिया था, जिसने देश को संकट के बीच अवसर पहचानने की ताकत दी। यह केवल एक अभियान नहीं बल्कि देशभक्ति और स्वाभिमान की भावना का प्रतीक है। भाजपा द्वारा प्रारंभ किया गया “आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान” 25 सितंबर, पं. दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती से प्रारंभ होकर 25 दिसंबर, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती तक चलेगा। इस दौरान देशभर में रथ यात्राएं, सम्मेलन, प्रदर्शनी और स्वदेशी मेले आयोजित किए जा रहे हैं।



उन्होंने कहा कि “हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी” की भावना को जन-जन तक पहुँचाने के लिए आत्मनिर्भर भारत संकल्प सम्मेलन और रथ यात्राओं का आयोजन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी जी का उद्देश्य नागरिकों के जीवन को सरल, समृद्ध और स्वावलंबी बनाकर भारत को एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है।



 उन्होंने  बताया कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल हुई हैं। वर्ष 2014-15 में भारत का रक्षा निर्यात 1,941 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 23,622 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। आज भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है, जहाँ 17 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं और 100 से अधिक यूनिकॉर्न कंपनियाँ भारत की आत्मनिर्भरता की प्रतीक है।



उन्होंने कहा कि मोदी सरकार “न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन” के सिद्धांत पर कार्य कर रही है, जिससे गरीबों, किसानों, महिलाओं और मध्यम वर्ग को सीधा लाभ मिला है। जीएसटी सुधारों के बाद व्यापारिक माहौल सुगम हुआ है और बाजारों में उत्साह का वातावरण है। गोमती साय ने बताया कि हाल के बाजार भ्रमण के दौरान उन्होंने देखा कि व्यापारी और उपभोक्ता दोनों ही स्वदेशी उत्पादों के प्रति उत्साह और विश्वास से जुड़े हैं।

विधायक साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर भारत का अग्रणी राज्य बनाने के लिए स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश की लोककला, हस्तशिल्प और परंपरागत उत्पाद जैसे बस्तर आर्ट, डोकरा, टेराकोटा, कोसा सिल्क और जशपुर की कॉफी अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार हर्बल और जैविक उत्पाद भी राष्ट्रीय बाजार में अपनी जगह बना चुके हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी बन चुकी है और दशक के अंत तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है। छत्तीसगढ़ का जीएसडीपी भी 10 लाख करोड़ रुपये तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने पत्रकारों के माध्यम से प्रदेशवासियों से अपील की कि नवरात्रि, दशहरा और दीपावली जैसे पावन अवसरों पर स्वदेशी वस्तुएँ अपनाकर हम सब विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष मोहित पैकरा, सदस्य वंदना राजवाड़े, महामंत्री पंकज गुप्ता, मंत्री शारदा प्रसाद गुप्ता, भाजपा उपाध्यक्ष शैलेश शिवहरे, भानु पाल, भाजपा नेत्री धर्मावती राजवाड़े,  मंडल अध्यक्ष अनिल खटीक और मीडिया प्रभारी तीरथ राजवाड़े प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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