बैकुंठपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में बुधवार को नगर में भव्य विजयादशमी उत्सव एवं पथ संचलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सैकड़ों स्वयंसेवक अनुशासनबद्ध पंक्तियों में शामिल हुए। पथ संचलन खेल मैदान बाजारपारा से प्रारंभ होकर कामता चौक, मुख्य बस्ती, नगर स्कूलपारा, पटेलपारा, ठिहाईपारा होते हुए पुनः खेल मैदान बाजारपारा पहुंचकर संपन्न हुआ।
पथ संचलन के दौरान जगह-जगह मातृशक्ति द्वारा पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। बाजारपारा चौक पर जनपद सदस्य श्रीमती धर्मवती राजवाड़े एवं संगीता गुप्ता के साथ मातृशक्ति ने पुष्प वर्षा की। कामता चौक पर योग स्पोर्ट्स क्लब की बहनों ने मातृशक्ति समूह के साथ स्वयंसेवकों का अभिनंदन किया। नगर के हर चौक-चौराहों और बस्तियों में घर-घर महिलाओं ने स्वयंसेवकों का स्वागत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ ध्वज प्रणाम और शस्त्र पूजन से हुआ। इस अवसर पर मुख्य वक्ता श्री शंकर साव (प्रांत धर्मजागरण समन्वय, छत्तीसगढ़) ने प्रेरक उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि विजयादशमी संघ का स्थापना दिवस है। वर्ष 1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने संघ की स्थापना की थी। आज संघ अपने 100वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है और 100 से अधिक देशों में सेवा कार्य संचालित कर रहा है। उन्होंने कहा कि संघ का स्वयंसेवक होना गर्व की बात है, क्योंकि संघ का कार्य समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण से जुड़ा है।
श्री साव ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत माता समय-समय पर संतों, महापुरुषों और वीरांगनाओं को जन्म देती रही है। डॉ. हेडगेवार का जीवन देशभक्ति, त्याग और तपस्या का प्रतीक है। उन्होंने समाज में “पंच परिवर्तन” पर बल देते हुए कहा — पर्यावरण संरक्षण, छुआछूत का उन्मूलन, भारतीय परंपराओं के अनुरूप उत्सव मनाना, स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग और बच्चों को अच्छे संस्कार देना — यही सच्चा राष्ट्र सेवा का मार्ग है।
उन्होंने याद दिलाया कि 1963 के भारत-चीन युद्ध के दौरान जब देश संकट में था, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू के आह्वान पर हजारों स्वयंसेवक गणतंत्र दिवस परेड में शामिल हुए थे। उन्होंने समाज से भी आग्रह किया कि अपने बच्चों को शाखा से जोड़ें, ताकि वे अनुशासन और संस्कार सीख सकें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ नागरिक कृष्ण कुमार ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि उपसरपंच उमझर श्री शुकवाजर पंडो रहे। इस अवसर पर प्रांतीय अधिकारी दीपक रामजी, खंड कार्यवाह नवनीत कुशवाहा, सह खंड कार्यवाह सुरेंद्र राजवाड़े, खंड शारीरिक प्रमुख रविशंकर प्रजापति, जिला किसान कार्य प्रमुख राजेंद्र राजवाड़े, मंडल कार्यवाह राजू मिश्रा, मंडल पालक परमेश्वर राजवाड़े, वरिष्ठ नागरिक रामकृष्ण शर्मा, शिवप्रसाद राजवाड़े, जगतबली, राकेश सहित सैकड़ों स्वयंसेवक, गणमान्य नागरिक एवं मातृशक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मुख्य शिक्षक अंकुश दास, प्रार्थना प्रमुख अर्पित गुप्ता, सुभाषित – सुरज, अमृत वचन – किशन, तथा एकल गीत – अंकुश दास ने प्रस्तुत किया। राजेन्द्र राजवाड़े की टीम ने आत्मरक्षा कराटे की प्रस्तुति दी। मंच संचालन राजेंद्र जी ने किया और आभार प्रदर्शन श्री बिजेंद्र नाविक ने किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रशांत राजवाड़े, भूपेंद्र राजवाड़े एवं नगर मंडल पालकों का विशेष योगदान रहा।


