महापर्व छठ पर आस्था का सागर उमड़ा बैकुंठपुर में — खुटहनपारा और गढ़ेलपारा के छठ घाटों की सौन्दर्यता ने खींचा श्रद्धालुओं का ध्यान

Chandrakant Pargir

 


बैकुंठपुर। लोक आस्था के चार दिवसीय महापर्व छठ को लेकर बैकुंठपुर शहर पूरी तरह से भक्ति और उल्लास के माहौल में डूबा हुआ है। रविवार की शाम सूर्य देव को पहला अर्घ्य अर्पित किया जाएगा, जिसके लिए शहर के सभी छठ घाटों को दुल्हन की तरह सजाया गया है। खासकर खुटहनपारा और गढ़ेलपारा के छठ घाटों की रौनक देखते ही बन रही है। श्रद्धालुओं और व्रतियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय समितियों और नगर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं।



 खुटहनपारा घाट पर बहते झरने ने बढ़ाई शोभा


खुटहनपारा स्थित छठ घाट इस वर्ष अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सजावट के लिए चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यहां बहने वाला पानी झरने का रूप लेकर घाट की खूबसूरती को और भी निखार रहा है। पूरे घाट क्षेत्र को रंगीन लाइटों और फूलों से सजाया गया है। व्रतियों के लिए घाट तक जाने के मार्ग पर रेड कार्पेट बिछाया गया है ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के पहुंच सकें।



शाम को यहां विशेष ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, जो भक्तिमय गीतों के साथ छठ महोत्सव को सांस्कृतिक रंग प्रदान करेगा। नगरवासी और आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में इस कार्यक्रम में शामिल होने की तैयारी में हैं।



गढ़ेलपारा घाट पर केले के पेड़ों और रोशनी से सजी गेज नदी


दूसरी ओर गढ़ेलपारा छठ घाट पर गेज नदी के तट को आकर्षक तरीके से सजाया गया है। बहते जल में केले के पेड़ों को लगाकर प्राकृतिक और धार्मिक वातावरण तैयार किया गया है। पूरे घाट परिसर को रंग-बिरंगी लाइटों से जगमगाया गया है, जिससे रात में घाट का दृश्य बेहद मनमोहक दिखाई दे रहा है।



व्रतियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सफाई व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा की विशेष तैयारी की गई है। महिलाओं और बच्चों के लिए अलग व्यवस्था की गई है ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।



 आस्था और उत्साह का संगम


छठ पर्व के अवसर पर पूरे बैकुंठपुर शहर में उत्साह का माहौल है। बाजारों में पूजन सामग्री, फल और प्रसाद की खरीदारी को लेकर भीड़ उमड़ रही है। खुटहनपारा और गढ़ेलपारा दोनों ही घाटों पर सुबह से ही तैयारियों का दौर जारी है।



नगर प्रशासन, पुलिस विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधि लगातार घाटों का निरीक्षण कर रहे हैं ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में पूजा-अर्चना करने की सुविधा मिल सके।



जैसे ही शाम ढलेगी, शहर के दोनों प्रमुख घाटों पर व्रतियों द्वारा सूर्य देव को पहला अर्घ्य अर्पित किया जाएगा। इस दौरान पूरे क्षेत्र में छठ गीतों की गूंज, दीपों की रौशनी और श्रद्धा की भावना से वातावरण पवित्र हो उठेगा।

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