रायपुर/कोरिया। कांग्रेस पार्टी ने छत्तीसगढ़ समेत तीन राज्यों में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए नई चयन प्रणाली लागू कर दी है। अब जिला और शहर अध्यक्षों की नियुक्ति केवल आलाकमान की सिफारिश से नहीं होगी, बल्कि केंद्रीय पर्यवेक्षकों (ऑब्ज़र्वर्स) के सर्वे और रायशुमारी के आधार पर तय की जाएगी।
जारी सूची के मुताबिक, रायपुर शहर और ग्रामीण के लिए प्रफुल्ल गोडाढ़े को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। इसी क्रम में जिला कोरिया एमसीबी और गोरिल्ला पेंड्रा मरवाही के लिए सुबोध कांत सहाय को प्रभारी बनाया गया है। पार्टी के मुताबिक करीब डेढ़ दर्जन ऑब्ज़र्वर छत्तीसगढ़ भेजे जा रहे हैं, जिनमें दो महिलाएँ भी शामिल हैं। ये पर्यवेक्षक स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से रायशुमारी करेंगे और विभिन्न पैरामीटर्स पर आकलन कर तीन-तीन नामों का पैनल आलाकमान को भेजेंगे।
जानकारी के अनुसार, रायशुमारी प्रक्रिया 55 से 60 वर्ष आयु वर्ग के नेताओं के बीच होगी। इस कदम से लंबे समय से चली आ रही सिफ़ारिशी नियुक्तियों पर रोक लगने की संभावना है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस का यह नया प्रयोग संगठनात्मक मजबूती और कार्यकर्ताओं के विश्वास को बढ़ाने की दिशा में अहम साबित हो सकता है। इससे जमीनी स्तर पर सक्रिय नेताओं को भी उचित अवसर मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

