बैकुंठपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 26 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 2 नवंबर को बैकुंठपुर के रामानुज उच्चतर माध्यमिक विद्यालय स्थित मिनी स्टेडियम में आयोजित राज्योत्सव ने जिलेवासियों के लिए यादगार शाम बना दी। जिला प्रशासन की सुनियोजित तैयारियों, बेहतर व्यवस्थाओं और आकर्षक आयोजन ने समारोह को विशेष पहचान दी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों से लेकर विभागीय प्रदर्शनी तक हर गतिविधि में आयोजन की सुव्यवस्था और प्रशासन की सक्रियता दिखाई दी। बड़ी संख्या में पहुंचे जिलेवासियों ने कार्यक्रम का आनंद लिया और कलाकारों की प्रस्तुतियों का तालियों से उत्साहवर्धन किया।
राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान एवं राज्यगीत के साथ शुरू हुए समारोह में छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति का शानदार नजारा देखने को मिला। पंथी नृत्य, सुआ नृत्य और जसगीत की प्रस्तुतियों ने मिनी स्टेडियम को छत्तीसगढ़ी संस्कृति के रंग में रंग दिया। स्थानीय कलाकारों और स्कूली छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा से दर्शकों का मन मोह लिया। बच्चों द्वारा 'शिवा महादेवा' गीत पर प्रस्तुत आकर्षक नृत्य विशेष आकर्षण रहा। कार्यक्रम में लोककला, परंपरा और नई पीढ़ी की प्रतिभा का सुंदर संगम देखने को मिला।
प्रशासन की व्यवस्थाओं ने आयोजन को बनाया खास
राज्योत्सव जैसे बड़े आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता के बावजूद कार्यक्रम का व्यवस्थित संचालन इसकी खासियत रहा। जिला प्रशासन ने आयोजन की तैयारियों से लेकर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और विभागीय प्रदर्शनी तक सभी पहलुओं को सुव्यवस्थित रूप देने का प्रयास किया। कार्यक्रम स्थल पर उत्सवी माहौल, विभिन्न गतिविधियों का बेहतर संयोजन और आम नागरिकों की सहभागिता ने आयोजन को प्रभावी बनाया। जिला प्रशासन की टीम का समन्वय और सक्रियता आयोजन की सफलता में महत्वपूर्ण रही।
विकास प्रदर्शनी में दिखी जिले की उपलब्धियों की तस्वीर
समारोह में विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, जिले में हुए विकास कार्यों, उपलब्धियों और नवाचारों की जानकारी दी गई। आम नागरिकों को विभागीय योजनाओं से परिचित कराने के साथ उनके लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी देने का प्रयास किया गया। प्रदर्शनी ने राज्योत्सव को केवल सांस्कृतिक आयोजन तक सीमित न रखकर विकास और जनकल्याण से जोड़ने का काम किया।
सशक्त नारी, युवा उड़ान पर कलेक्टर ने रखी विकास की सोच
कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने अपने संबोधन में कहा कि राज्योत्सव गर्व, गौरव और आत्मीयता का पर्व है। यह राज्य निर्माण के सपनों, संघर्षों और आकांक्षाओं को याद करने के साथ बेहतर भविष्य के निर्माण का संकल्प लेने का अवसर भी है। छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोकगीतों, लोकनृत्यों और परंपराओं से है। कोरिया की प्राकृतिक संपदा, सांस्कृतिक विरासत और मेहनतकश लोग जिले की सबसे बड़ी ताकत हैं। पर्यटन सहित विकास के विभिन्न क्षेत्रों में जिले में व्यापक संभावनाएं हैं।
आयोजन की थीम 'सशक्त नारी, युवा उड़ान' को रेखांकित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ने के समान अवसर देना जरूरी है। महिलाएं आत्मनिर्भर होती हैं तो परिवार मजबूत होता है और समाज आगे बढ़ता है। इसी प्रकार युवाओं को शिक्षा, कौशल और अवसर मिलने से उनकी प्रतिभा देश की प्रगति का माध्यम बनती है। प्रशासन का प्रयास है कि जिले की प्रत्येक महिला, युवा और बच्चा विकास की यात्रा में सहभागी बने। उन्होंने अधिकारियों को शासकीय योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया।
संस्कृति के संरक्षण और विकास का संदेश देकर संपन्न हुआ राज्योत्सव
राज्योत्सव में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, मीडिया प्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, महिलाओं, युवाओं और बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही। आयोजन ने एक ओर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को मंच दिया, वहीं दूसरी ओर जिले के विकास और जनकल्याण की योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने का अवसर प्रदान किया। जिला प्रशासन की पहल, बेहतर समन्वय और सांस्कृतिक गतिविधियों के सुंदर संयोजन से राज्योत्सव उत्साह, उमंग और गौरव के वातावरण में संपन्न हुआ।







