बैकुंठपुर। शासकीय कार्यालय में शराब के नशे में पहुंचकर अभद्र व्यवहार करने के मामले में न्यायालय ने विद्युत विभाग के तत्कालीन कनिष्ठ यंत्री को दोषी करार देते हुए तीन माह के साधारण कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। अर्थदण्ड की राशि अदा नहीं करने पर आरोपी को एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। यह फैसला न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी बैकुंठपुर की न्यायालय ने 8 अक्टूबर 2026 को सुनाया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला थाना सोनहत के अपराध क्रमांक 86/2018 से संबंधित है। ग्राम सलगवां स्थित विद्युत कार्यालय में 22 जून 2018 को निरीक्षण के दौरान तत्कालीन कनिष्ठ यंत्री संतोष कुमार कुजूर, पिता अल्कोष कुजूर, उम्र 43 वर्ष, निवासी सीएसईबी विद्युत वितरण केंद्र सोनहत शराब के नशे की हालत में पाए गए थे। इस दौरान उनके द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने की शिकायत भी सामने आई थी।
शिकायत के आधार पर सोनहत पुलिस ने आरोपी का चिकित्सकीय परीक्षण कराया। परीक्षण में शराब सेवन के लक्षण पाए जाने के बाद पुलिस ने छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 36(च)(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान आवश्यक साक्ष्य संकलित कर पुलिस ने अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
प्रकरण की सुनवाई के दौरान विवेचना एवं अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी संतोष कुमार कुजूर को दोषसिद्ध पाया। इसके बाद न्यायालय ने उसे तीन माह के साधारण कारावास एवं 10 हजार रुपये अर्थदण्ड से दण्डित किया। अर्थदण्ड जमा नहीं करने की स्थिति में एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतने का आदेश दिया गया।
इस मामले की विवेचना प्रधान आरक्षक सत्येंद्र तिवारी द्वारा की गई। वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी मनोज प्रताप सिंह ने पैरवी की तथा बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता संतोष राजवाड़े उपस्थित रहे।
आठ साल पुराने मामले में आया फैसला
वर्ष 2018 में दर्ज इस मामले में करीब आठ साल बाद न्यायालय का फैसला आया है। शासकीय कार्यालय में अनुशासनहीनता और शराब सेवन से जुड़े इस प्रकरण में न्यायालय द्वारा सुनाई गई सजा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

