बैकुण्ठपुर, कोरिया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत मनरेगा एवं विकसित भारत जी राम जी योजना में कार्यरत तकनीकी सहायक कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। छत्तीसगढ़ तकनीकी सहायक कर्मचारी संघ ने जिला प्रशासन को सूचना पत्र सौंपकर 13 और 14 अक्टूबर को जिला स्तर पर सांकेतिक हड़ताल एवं धरना-प्रदर्शन तथा 15 अक्टूबर को राजधानी रायपुर में प्रदेश स्तरीय हड़ताल और रैली आयोजित करने की जानकारी दी है। संघ ने स्पष्ट किया है कि 12 अक्टूबर 2026 तक मांगों के संबंध में सरकार की ओर से घोषणा और नीतिगत निर्णय नहीं होने की स्थिति में आंदोलन किया जाएगा।
संघ की ओर से कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को संबोधित पत्र में कहा गया है कि तकनीकी सहायक कर्मचारी पिछले कई वर्षों से अपनी मांगों के निराकरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस संबंध में पूर्व में भी शासन और संबंधित विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे गए हैं, लेकिन मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों में असंतोष है।
नियमित पद सृजन और समायोजन की प्रमुख मांग
छत्तीसगढ़ तकनीकी सहायक कर्मचारी संघ की प्रमुख मांग है कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत कार्यरत समस्त तकनीकी सहायकों के लिए नियमित पद सृजित किए जाएं और उन्हें उन पदों पर समायोजित किया जाए। संघ का कहना है कि लंबे समय से कार्य कर रहे कर्मचारियों को सेवा की स्थिरता और भविष्य की सुरक्षा मिलनी चाहिए।
इसके साथ ही नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी होने तक तकनीकी सहायकों की सेवा शर्तों के संबंध में स्थायीकरण नियमावली तत्काल लागू करने की मांग की गई है। संघ ने ग्राम पंचायत सचिवों की तर्ज पर सेवा संबंधी नियम निर्धारित करने की भी मांग उठाई है।
तकनीकी सहायक का पदनाम बदलकर कनिष्ठ अभियंता करने की मांग
संघ ने विकसित भारत जी राम जी योजना के अंतर्गत कार्यरत तकनीकी सहायकों का पदनाम बदलकर 'कनिष्ठ अभियंता (VBG RAM G)' किए जाने की मांग भी रखी है। संघ के अनुसार, कर्मचारियों की जिम्मेदारियों और तकनीकी कार्यों के अनुरूप पदनाम एवं सेवा संरचना निर्धारित की जानी चाहिए। इसके अतिरिक्त चार अन्य लंबित समस्याओं के समाधान की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
दो दिन जिलों में, तीसरे दिन रायपुर में प्रदर्शन
संघ की प्रस्तावित आंदोलन रूपरेखा के अनुसार 13 एवं 14 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में जिला स्तर पर हड़ताल और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 15 अक्टूबर को रायपुर में प्रदेश स्तरीय रैली निकालकर संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने की योजना है।
संघ ने संबंधित अधिकारियों से आंदोलन की सूचना दर्ज करने तथा आवश्यक प्रशासनिक एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है। साथ ही जनपद पंचायत कार्यालयों में कार्यरत तकनीकी सहायकों को 13 से 15 अक्टूबर तक तीन दिवसीय अवकाश प्रदान करने का आग्रह भी किया गया है।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो बढ़ सकता है आंदोलन
तकनीकी सहायक कर्मचारियों की नियमितीकरण, समायोजन, सेवा शर्तों और पदनाम परिवर्तन से जुड़ी मांगें लंबे समय से लंबित होने का मुद्दा अब आंदोलन के रूप में सामने आ रहा है। यदि निर्धारित समय तक शासन स्तर पर कोई ठोस निर्णय नहीं होता है, तो जिला स्तर से लेकर राजधानी तक आंदोलन किए जाने की तैयारी है। अब देखना होगा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और आंदोलन से पहले कोई समाधान निकल पाता है या नहीं।

