मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप, दावा-आपत्ति की तारीख 10 नवंबर तक बढ़ाने की मांग, बैकुंठपुर और शिवपुर-चरचा नगरपालिका की प्रारंभिक मतदाता सूची की वरिष्ठ अधिकारियों से जाँच कराने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

Chandrakant Pargir


 

बैकुंठपुर। नगरपालिका परिषद बैकुंठपुर एवं शिवपुर-चरचा की आगामी चुनाव प्रक्रिया के लिए प्रकाशित प्रारंभिक मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने सवाल उठाए हैं। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मतदाता सूची में सामने आ रही गड़बड़ियों की निष्पक्ष जाँच कराने और दावा-आपत्ति की अंतिम तिथि 10 नवंबर तक बढ़ाने की मांग की है।


ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि प्रारंभिक मतदाता सूची में वार्डों की निर्धारित सीमाओं के विपरीत बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम दूसरे और दूरस्थ वार्डों में दर्ज किए गए हैं। कुछ मतदाताओं के नाम जानबूझकर अन्य वार्डों में जुड़वाने तथा चुनिंदा नामों को प्रभावित करने के लिए दबाव बनाए जाने की शिकायतें भी सामने आने की बात कही गई है। कांग्रेस ने आशंका जताई है कि इन शिकायतों का समय रहते निराकरण नहीं हुआ तो नगरपालिका चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।


प्रदीप गुप्ता ने कहा कि वर्तमान में दावा-आपत्ति के लिए निर्धारित एक सप्ताह की अवधि पर्याप्त नहीं है। अवकाश और तूफान के कारण भी शासकीय कार्य प्रभावित हुए हैं। ऐसे में आम मतदाताओं को नामों में सुधार और आपत्ति दर्ज कराने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि प्रत्येक शिकायत पर केवल कार्यालयीन दस्तावेजों के आधार पर निर्णय लेने के बजाय संबंधित मतदाताओं के वास्तविक निवास स्थान का भौतिक सत्यापन कराया जाए।


ज्ञापन में यह मुद्दा भी उठाया गया है कि यदि किसी मतदाता का नाम उसकी सहमति से गलत वार्ड में दर्ज है और वह स्वयं सुधार के लिए आवेदन नहीं करता, तो ऐसी स्थिति में उसके नाम को सही वार्ड में दर्ज कराने के लिए स्पष्ट प्रक्रिया तय की जाए। साथ ही नाम जोड़ने, काटने और एक वार्ड से दूसरे वार्ड में स्थानांतरित करने की पूरी प्रक्रिया की निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों से कराने की मांग की गई है, ताकि किसी भी तरह के अनुचित दबाव और पक्षपात की आशंका दूर हो सके।


कांग्रेस ने यह भी मांग की है कि दावा-आपत्तियों के निराकरण के बाद संशोधित मतदाता सूची प्रकाशित की जाए और उस पर दोबारा दावा-आपत्ति का अवसर दिया जाए। इसके बाद ही अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाए।


प्रदीप गुप्ता ने ज्ञापन में कहा है कि नगरपालिका चुनावों में कई बार हार-जीत का अंतर महज कुछ मतों का होता है। ऐसे में मतदाता सूची की त्रुटियां भविष्य में गंभीर विवाद का कारण बन सकती हैं। उन्होंने कलेक्टर से जनहित और निष्पक्ष चुनाव की पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए समयबद्ध कार्रवाई करने की मांग की है।

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