बैकुंठपुर। कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में वर्षों पुराने और जर्जर भवनों में संचालित हो रहे शासकीय कार्यालयों को लेकर अब शहर में एक बार फिर स्थायी समाधान की मांग उठी है। शहरवासियों की ओर से विधायक और कलेक्टर को दिए गए सुझाव में पुराने तहसील कार्यालय से लेकर पुराने एसपी कार्यालय, एसडीएम कार्यालय एवं खेल एवं युवा कल्याण कार्यालय क्षेत्र में उपलब्ध शासकीय भूमि का उपयोग कर बहुमंजिला संयुक्त प्रशासनिक परिसर विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही रामानुज क्लब से पीडब्ल्यूडी कार्यालय मोड़ तक सड़क के सामने स्थित जीर्ण-शीर्ण शासकीय आवासीय भवनों वाली भूमि को भी इस योजना में शामिल करने का सुझाव दिया गया है।
यह प्रस्ताव राजीव गुप्ता, महामंत्री जिला कांग्रेस कमेटी कोरिया, की ओर से बैकुंठपुर एवं कोरिया के आम नागरिकों की ओर से विधायक और कलेक्टर को सौंपा गया है।
प्रस्ताव में कहा गया है कि 1998 में कोरिया जिला बनने के बाद कई कार्यालयों को तत्कालीन वैकल्पिक व्यवस्था के तहत उपलब्ध भवनों में संचालित किया गया था। करीब 28 वर्ष गुजर जाने के बावजूद अनेक महत्वपूर्ण जिला एवं ब्लॉक स्तरीय कार्यालय आज भी उन्हीं पुराने भवनों में चल रहे हैं। इनमें से कुछ भवन रियासतकालीन बताए गए हैं, जबकि कई भवन कई दशक पुराने हैं। कुछ कार्यालयों के पास अपना भवन नहीं होने के कारण उन्हें किराए अथवा अन्य वैकल्पिक भवनों में संचालित करना पड़ रहा है।
तहसील से शिक्षा और उद्यानिकी तक कई कार्यालयों की स्थिति चिंताजनक
शहरवासियों की ओर से दिए गए प्रस्ताव में तहसील, एसडीएम, जिला रोजगार, जिला आयुर्वेद, जिला शिक्षा, जिला उद्यानिकी, परियोजना, महिला एवं बाल विकास परियोजना, जिला रेशम, आरईएस संभाग एवं उपसंभाग तथा सिंचाई संभाग एवं उपसंभाग सहित अनेक कार्यालयों का उल्लेख किया गया है।
प्रस्ताव में कहा गया है कि कई कार्यालयों के भवनों की स्थिति इतनी खराब है कि वहां कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ महत्वपूर्ण शासकीय दस्तावेजों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है। इन कार्यालयों में प्रतिदिन आम नागरिकों, किसानों और ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले लोगों का काम रहता है। ऐसे में कार्यालयों को सुविधायुक्त, सुरक्षित और व्यवस्थित भवन उपलब्ध कराना जरूरी बताया गया है।
पुरानी सिविल लाइन में बने बहुमंजिला प्रशासनिक परिसर
सुझाव में बैकुंठपुर की पुरानी सिविल लाइन क्षेत्र को नए सिरे से विकसित करने की योजना रखी गई है। इसके तहत पुराने तहसील कार्यालय से लेकर पुराने एसपी कार्यालय, एसडीएम कार्यालय और खेल एवं युवा कल्याण कार्यालय क्षेत्र में उपलब्ध शासकीय जमीन का परीक्षण कर सड़क के दोनों ओर बहुउद्देशीय बहुमंजिला प्रशासनिक परिसर विकसित करने की बात कही गई है।
भूमि की उपलब्धता और विभागों के बीच जमीनों की अदला-बदली से संबंधित आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का सुझाव दिया गया है। प्रस्ताव के अनुसार नए परिसर में जिला मुख्यालय के किराए, जर्जर अथवा वैकल्पिक भवनों में संचालित कार्यालयों को स्थानांतरित किया जा सकता है।
मनेंद्रगढ़ में संचालित कोरिया के कार्यालयों को भी लाने का सुझाव
प्रस्ताव में एक महत्वपूर्ण सुझाव यह भी है कि कोरिया जिले के ऐसे जिला स्तरीय कार्यालय, जो वर्तमान में मनेंद्रगढ़ में संचालित हैं, उन्हें भी बैकुंठपुर लाने की संभावनाओं का परीक्षण किया जाए।** इससे जिला मुख्यालय पर प्रशासनिक गतिविधियों को एक जगह समेटने में मदद मिल सकती है।
आरईएस, पीडब्ल्यूडी और सिंचाई विभाग के कार्यालय एक परिसर में हों
शहरवासियों की ओर से निर्माण कार्यों से जुड़े विभागों के लिए भी अलग योजना सुझाई गई है। आरईएस एवं सिंचाई विभाग के मौजूदा कार्यालय परिसरों में उपलब्ध भूमि का परीक्षण कर आरईएस, पीडब्ल्यूडी और सिंचाई विभाग के संभागीय एवं अनुविभागीय कार्यालयों को बहुमंजिला भवनों के माध्यम से एक ही क्षेत्र में विकसित करने का सुझाव दिया गया है।
इसका उद्देश्य अलग-अलग स्थानों पर संचालित कार्यालयों को एक स्थान पर लाना है, जिससे विभागीय समन्वय के साथ आम लोगों को भी अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल सके।
शिक्षा विभाग की जमीन कॉलेज को और उद्यानिकी की जमीन पर सब्जी मंडी का सुझाव
प्रस्ताव में मौजूदा शासकीय जमीनों के बेहतर उपयोग को लेकर भी कई सुझाव दिए गए हैं। इसमें कहा गया है कि नए प्रशासनिक भवन बनने के बाद पुराने कार्यालयों की जमीन खाली हो सकती है। ऐसी स्थिति में पीजी कॉलेज परिसर में एसपी कार्यालय निर्माण के दौरान जिला शिक्षा कार्यालय के लिए उपयोग में ली गई जमीन को वापस कॉलेज को सौंपने की दिशा में पहल की जा सकती है।
इसी तरह जिला उद्यानिकी कार्यालय की जमीन का उपयोग शहर की आवश्यकता के अनुरूप व्यवस्थित सब्जी मंडी विकसित करने के लिए किए जाने का सुझाव दिया गया है।
कम होती शासकीय जमीन के बेहतर उपयोग पर जोर
प्रस्ताव में कहा गया है कि जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में अब शासकीय भूमि सीमित होती जा रही है। ऐसे में अलग-अलग कार्यालयों के लिए अलग-अलग स्थानों पर नए भवन बनाने के बजाय उपलब्ध शासकीय भूमि का बहुमंजिला एवं योजनाबद्ध तरीके से उपयोग किया जा सकता है।
इससे एक ओर जर्जर और किराए के भवनों से कार्यालयों को स्थायी भवन मिलेंगे, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा।
सिविल लाइन को फिर प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र बनाने की पहल
प्रस्ताव में बैकुंठपुर की पुरानी सिविल लाइन को पुनः प्रशासनिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की बात कही गई है। शहरवासियों का मानना है कि सरकारी कार्यालयों के एकीकृत रूप से विकसित होने से इस क्षेत्र में व्यापारिक और सामाजिक गतिविधियों को भी गति मिल सकती है।
इसके लिए विधायक और कलेक्टर से उपलब्ध शासकीय भूमि का परीक्षण कराने तथा **नगर के जनप्रतिनिधियों, पार्षदों, व्यापारियों और सामाजिक संगठनों से चर्चा कर सुझाव लेने** का अनुरोध किया गया है।
28 साल बाद स्थायी समाधान की उम्मीद
शहरवासियों की ओर से दिए गए इस प्रस्ताव में इसे बैकुंठपुर के लिए दीर्घकालिक योजना बताते हुए कहा गया है कि जिला बनने के करीब तीन दशक बाद भी यदि कई महत्वपूर्ण कार्यालय अस्थायी, किराए या जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं, तो अब भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक संयुक्त प्रशासनिक परिसर की समग्र योजना पर विचार किया जाना चाहिए। इससे प्रशासनिक व्यवस्था के साथ-साथ आम नागरिकों को भी सुविधाएं मिल सकती हैं।

