28 सितंबर को होगा बैकुण्ठपुर और शिवपुर-चरचा के वार्डों का आरक्षण, बैकुण्ठपुर के 20 और शिवपुर-चरचा के 15 वार्डों की बदलेगी तस्वीर, दावेदारों की धड़कनें तेज

Chandrakant Pargir


 


बैकुण्ठपुर। नगरीय निकाय चुनाव 2026 को लेकर कोरिया जिले में चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं। बैकुण्ठपुर और शिवपुर-चरचा नगर पालिका के वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया 28 सितंबर 2026 को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में पूरी की जाएगी। इसके साथ ही लंबे समय से वार्ड आरक्षण का इंतजार कर रहे संभावित पार्षद दावेदारों की राजनीतिक तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (नगरीय निकाय) द्वारा जारी सूचना के अनुसार नगर पालिका परिषद बैकुण्ठपुर के 20 वार्डों का आरक्षण सुबह 11 बजे तथा नगर पालिका परिषद शिवपुर-चरचा के 15 वार्डों का आरक्षण सुबह 11.30 बजे किया जाएगा। आरक्षण की यह कार्यवाही छत्तीसगढ़ नगर पालिका (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं महिलाओं के लिए वार्डों का आरक्षण) नियम 1994 तथा संबंधित वैधानिक प्रावधानों के तहत होगी।

आरक्षण से तय होगी कई दावेदारों की दिशा

वार्ड आरक्षण को लेकर दोनों नगर पालिका क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से राजनीतिक हलचल बनी हुई है। संभावित पार्षद उम्मीदवार अपने-अपने वार्डों की आरक्षण स्थिति पर नजर लगाए हुए हैं। सामान्य, महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के लिए कौन सा वार्ड आरक्षित होता है, इसका सीधा असर चुनावी दावेदारियों पर पड़ेगा।

विशेष रूप से उन दावेदारों की नजर आरक्षण प्रक्रिया पर है, जो लंबे समय से अपने वार्ड से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। आरक्षण बदलने की स्थिति में कई दावेदारों को दूसरे वार्डों से विकल्प तलाशना पड़ सकता है, जबकि कुछ नए चेहरों के लिए चुनावी मैदान खुल सकता है।

राजनीतिक दलों की भी परीक्षा

आरक्षण की प्रक्रिया में प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी उपस्थित रहने की सूचना दी गई है। कलेक्टर कार्यालय की ओर से भाजपा, कांग्रेस, बसपा, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और आम आदमी पार्टी के जिला/स्थानीय पदाधिकारियों को सूचना भेजी गई है।

आरक्षण की घोषणा के बाद राजनीतिक दलों के सामने वार्डवार संभावित प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है। हालांकि अध्यक्ष पद के आरक्षण की स्थिति अलग प्रक्रिया से तय होगी, लेकिन वार्ड आरक्षण सामने आने के बाद अध्यक्ष पद की दावेदारियों की राजनीतिक गणित पर भी इसका असर पड़ सकता है।

28 सितंबर को होने वाली आरक्षण प्रक्रिया इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है कि इसके बाद बैकुण्ठपुर के 20 और शिवपुर-चरचा के 15 वार्डों में चुनावी दावेदारी की वास्तविक तस्वीर सामने आने लगेगी।

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