नई दिल्ली/रायपुर। कुपोषण के खिलाफ छत्तीसगढ़ की स्थानीय पहल ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अब राष्ट्रीय मंच तक पहुंच गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के इस अभियान का उल्लेख किया। उन्होंने पोषण की चुनौती से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और जनभागीदारी को जोड़ने वाली पहल को रेखांकित किया।
छत्तीसगढ़ में सितंबर माह को पोषण जागरूकता के लिए विशेष रूप से उपयोग किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 12 सितंबर को ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान की शुरुआत की थी। अभियान के तहत मुनगा यानी सहजन के पौधे को घर-घर पहुंचाने के साथ ही लोगों को इसके पोषण संबंधी लाभों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।
महिलाओं और बच्चों के पोषण पर जोर
राज्य सरकार ने मुनगा को स्थानीय भोजन और पोषण से जोड़ते हुए इसे कुपोषण के खिलाफ अभियान का हिस्सा बनाया है। अभियान में विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और किशोरियों के पोषण पर जोर दिया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों को अभियान का महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है, जहां पोषण संबंधी जागरूकता के साथ परिवारों को मुनगा के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
घर के आंगन से पोषण का संदेश
‘हर घर मुनगा’ अभियान की खासियत यह है कि इसमें स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध संसाधन को पोषण जागरूकता से जोड़ा गया है। घर के आंगन में लगाया गया मुनगा का पौधा परिवारों को पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक करने के साथ ही सामुदायिक भागीदारी का माध्यम भी बन रहा है।
यह अभियान केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए पौधरोपण, पोषण जागरूकता, आंगनबाड़ी सेवाओं और जनभागीदारी को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि पोषण का संदेश केवल सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों तक सीमित न रहे, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जीवनशैली और भोजन का हिस्सा बने।
प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में अभियान के उल्लेख से छत्तीसगढ़ की इस पहल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। अब राज्य में अभियान को और व्यापक बनाने तथा अधिक से अधिक परिवारों को इससे जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।




