बैकुंठपुर। 3 बार के पार्षद व सामाजिक कार्यकर्ता संजय जायसवाल ने फेसबुक लाइव आकर बताया कि नगर के महलपारा वार्ड क्रमांक-9 में बीते 2 सितंबर को हुए दर्दनाक हादसे में एक परिवार ने अपना मुखिया खो दिया। उन्होंने बताया कि उदय शंकर माझी रोज की तरह ऑटो चलाकर शाम करीब 7 से 8 बजे अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान गली में अचानक एक दीवार उनके ऊपर गिर गई। दीवार की चपेट में आने से वे पास की खुली नाली में जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में उनकी कई पसलियां टूटने की बात सामने आई है, जिसके बाद उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
उन्होंने कहा कि बताया जा रहा है कि घटनास्थल के पास मुख्य नाली में ढक्कन नहीं लगा था, जबकि उसके बगल में गली का पानी निकासी के लिए छोटी नाली बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार यदि नाली सुरक्षित होती और जर्जर दीवार को लेकर समय रहते कार्रवाई की जाती तो हादसे को टाला जा सकता था। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारण और जिम्मेदारी का निर्धारण संबंधित जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
ऑटो चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते थे
मृतक परिवार के बारे में श्री जायसवाल ने बताया कि उदय शंकर माझी अपने परिवार के लिए आय का प्रमुख साधन थे और ऑटो चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके परिवार में बच्चों की पढ़ाई भी चल रही है। बताया गया कि एक बेटी इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही है, दूसरी बेटी कक्षा 12वीं में अध्ययनरत है, जबकि बेटा पॉलिटेक्निक कॉलेज में पढ़ रहा है। मुखिया की मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।
नगरपालिका की व्यवस्था पर उठे सवाल
उन्होंने कहा कि हादसे के बाद अब नगर की नालियों, जर्जर संरचनाओं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता ने पूछा है कि यदि किसी वार्ड में खुली नाली या जर्जर दीवार जैसी स्थिति लंबे समय से मौजूद थी, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी थी और संबंधित विभाग ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की?
आगे कहा कि उनके साथी मोनू माझी द्वारा इस मामले को उठाए जाने के बाद मुद्दा सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया है। उन का कहना है कि नगर में राजनीतिक गतिविधियां और अध्यक्ष पद की दावेदारी तेज हैं, लेकिन आम लोगों की बुनियादी समस्याओं और हादसों के बाद प्रभावित परिवारों की सुध लेने की जरूरत भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
जिम्मेदारी तय करने और परिवार की सहायता की मांग
उन्होंने मामले को लेकर नगर पालिका से घटनास्थल की जांच कराने, खुली नालियों को तत्काल ढंकने, जर्जर दीवारों का सर्वे कराने तथा हादसे के लिए यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। साथ ही मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई है।

