बैकुंठपुर। फार्मासिस्ट डे के अवसर पर जिला अस्पताल बैकुंठपुर में इस वर्ष एक अनूठी और सकारात्मक पहल देखने को मिली। अस्पताल में पदस्थ सभी फार्मासिस्टों ने पहली बार एक साथ मिलकर फार्मासिस्ट डे मनाया और दवा लेने के लिए अस्पताल पहुंचे मरीजों एवं उनके परिजनों को दवाओं के साथ चॉकलेट वितरित की। अस्पताल में उपचार और दवा लेने आए मरीजों को जब दवा के साथ चॉकलेट मिली तो उनके चेहरे पर खुशी नजर आई। फार्मासिस्टों की इस पहल को मरीजों और उनके परिजनों ने भी सराहा।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें से करीब 800 से 900 मरीजों को प्रतिदिन दवाओं का वितरण फार्मेसी के माध्यम से किया जाता है। मरीजों की इसी संख्या और अस्पताल में फार्मासिस्टों की महत्वपूर्ण भूमिका को ध्यान में रखते हुए इस बार फार्मासिस्ट डे को कुछ अलग तरीके से मनाने का निर्णय लिया गया। फार्मासिस्टों ने अपने स्तर पर चॉकलेट की व्यवस्था की और दवा लेने पहुंचे मरीजों तथा उनके साथ आए परिजनों को चॉकलेट देकर फार्मासिस्ट डे की खुशियां साझा कीं।
इस अवसर पर जिला अस्पताल अधीक्षक डॉ. आयुष जायसवाल ने सभी फार्मासिस्टों को फार्मासिस्ट डे की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं
फार्मासिस्टों ने बताया कि अस्पताल में आने वाले अधिकांश मरीज पहले से ही बीमारी और उपचार को लेकर चिंता में रहते हैं। ऐसे में उनके साथ कुछ पल खुशी के साझा करने के उद्देश्य से चॉकलेट वितरण की पहल की गई। उनका कहना था कि मरीजों को केवल दवा उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उनके साथ मानवीय व्यवहार और सकारात्मक वातावरण बनाए रखना भी जरूरी है। इसी भावना के साथ फार्मासिस्ट डे पर मरीजों को चॉकलेट बांटी गई।
कार्यक्रम के दौरान फार्मासिस्ट शोभा गुप्ता, रवि नाहक, वंदना सिंह, जितेंद्र जायसवाल, हर्ष जायसवाल, शाहीन बानो, मनीष सिंह, रोहित कुमार साहू एवं संस्कार पांडेय सहित अस्पताल के संबंधित कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने मरीजों और उनके परिजनों को चॉकलेट वितरित की। मरीजों ने भी इस छोटी लेकिन आत्मीय पहल पर खुशी जाहिर की और फार्मासिस्टों को फार्मासिस्ट डे की शुभकामनाएं दीं।
जिला अस्पताल में फार्मासिस्ट डे के मौके पर आयोजित यह पहल इसलिए भी खास रही क्योंकि पहली बार सभी फार्मासिस्टों ने मिलकर मरीजों के बीच इस दिवस को मनाया। दवा के साथ चॉकलेट की मिठास ने अस्पताल के माहौल में अपनत्व और मुस्कान का एक अलग ही रंग भर दिया।






