बैकुंठपुर। नगर के कई वार्डों में पिछले कुछ दिनों से घरों में गंदा पानी आने की शिकायतों के बीच निर्दलीय पार्षद संजय जायसवाल ने फेसबुक लाइव के माध्यम से नगरपालिका की जलापूर्ति व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जनता गंदा पानी पीने को मजबूर है, लेकिन इसकी जिम्मेदारी लेने और समस्या के कारण का स्पष्ट जवाब देने वाला कोई नहीं है। पार्षद ने नगरपालिका परिषद, अध्यक्ष और नगरपालिका के मैनेजमेंट पर व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
फेसबुक लाइव में संजय जायसवाल ने दावा किया कि जल शोधन के लिए इस्तेमाल होने वाला एलम और चूना खत्म हो गया है, जिसके कारण पानी में पर्याप्त मात्रा में एलम-चूना नहीं डाला जा रहा और घरों तक गंदा पानी पहुंच रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि बरसात के मौसम में जब नदी-तालाबों में पर्याप्त पानी है, ऐसे समय में भी नगरवासियों को साफ पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों को यह तक पता नहीं है कि गंदे पानी की शिकायत किससे करें और इसका समाधान कौन करेगा।
‘मोटर जलने की बात सामने आई’
पार्षद ने फेसबुक लाइव में यह भी कहा कि कर्मचारियों से जानकारी मिली है कि एक मोटर जल गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि मोटर खराब होने के बाद उसे तत्काल बदलने अथवा वैकल्पिक व्यवस्था के लिए नगरपालिका ने क्या कदम उठाए हैं। उन्होंने शहर में जलापूर्ति के लिए नई पाइपलाइन योजना पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि नगरपालिका को जलापूर्ति के लिए शासन से करीब 34 करोड़ रुपये मिले हैं, जिसमें से उनके अनुसार करीब 23 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है, इसके बावजूद जलापूर्ति व्यवस्था में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा है।
‘एमएलए नगर में भी पर्याप्त पानी नहीं’
संजय जायसवाल ने अपने फेसबुक लाइव में बैकुंठपुर के एमएलए नगर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एमएलए नगर शहर की व्यवस्थित और सुंदर कॉलोनियों में शामिल है, लेकिन वहां भी लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। पानी की कमी के कारण लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशान होना पड़ रहा है और जार का पानी मंगाने की स्थिति बन रही है।
उन्होंने नगरपालिका के जनप्रतिनिधियों और प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जलापूर्ति जैसी मूलभूत सुविधा की जिम्मेदारी आखिर किस जनप्रतिनिधि की है, इसका फैसला जनता को करना है। साथ ही उन्होंने नगरपालिका के सीएमओ से व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित करने की अपील करते हुए कहा कि नगरपालिका को जहां भी सहयोग की जरूरत होगी, वे सहयोग के लिए खड़े रहेंगे।
‘याचना नहीं, अब रण होगा’
फेसबुक लाइव के अंत में निर्दलीय पार्षद संजय जायसवाल ने जल समस्या को लेकर आंदोलन के संकेत देते हुए कहा कि “याचना नहीं अब रण होगा, संघर्ष बड़ा भीषण होगा।” उनके इस बयान के बाद नगर की जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।
हालांकि, पार्षद द्वारा एलम-चूना की कमी, मोटर खराब होने और पाइपलाइन योजना से जुड़े भुगतान को लेकर किए गए दावों पर नगरपालिका प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है। नगरवासियों को अब यह उम्मीद है कि नगरपालिका प्रशासन गंदे पानी और पर्याप्त जलापूर्ति की समस्या का शीघ्र समाधान करेगा।

