बैकुंठपुर। एग्रीस्टैक परियोजना के तहत खरीफ फसल वर्ष 2025 में डिजिटल क्रॉप सर्वे करने वाले पटना तहसील के 25 सर्वेयरों का मानदेय अब तक अटका हुआ है। सीएम हेल्पलाइन में की गई शिकायत के जवाब में तहसीलदार पटना से लेकर जिला स्तर के अधिकारियों ने माना है कि 25 सर्वेयरों का भुगतान नहीं हुआ है। इनमें शिकायतकर्ता सचिन कुमार मिश्रा भी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार सर्वेयरों के बैंक विवरण में त्रुटि होने के कारण भुगतान नहीं हो सका था।
मामला सामने आने के बाद संशोधित बैंक विवरण के साथ 25 सर्वेयरों की सूची भू-अभिलेख शाखा के माध्यम से शासन को भेजे जाने की बात कही गई है। 8 जुलाई और 20 जुलाई 2026 को शिकायत के निराकरण में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भुगतान शासन स्तर से संबंधित है। वहीं 25 अगस्त को संभागीय आयुक्त स्तर से शिकायत का निराकरण करते हुए संलग्न प्रतिवेदन से सहमति जताई गई और आवेदक को सूचित कर शिकायत बंद कर दी गई।
इसी बीच भू-अभिलेख संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा 4 अगस्त 2026 को जारी पत्र ने भुगतान की स्थिति को और स्पष्ट किया है। पत्र के अनुसार डिजिटल क्रॉप सर्वे खरीफ 2025 में अनुमोदित प्लाटों में से कुछ सर्वेयरों का भुगतान SNA Sparsh के माध्यम से किया जा चुका है, जबकि शेष प्लाटों के भुगतान के लिए शेष सर्वेयरों की सूची और बैंक खातों का विवरण कई जिलों से अब तक प्राप्त नहीं हुआ था। संचालनालय ने शेष प्लाटों के लिए राशि आवंटित करते हुए निर्देश दिया है कि संबंधित सर्वेयर को पूर्व में भुगतान नहीं हुआ है, यह सुनिश्चित करने के बाद ही मानदेय का भुगतान किया जाए।
सवाल यह है कि जब पटना तहसील के 25 सर्वेयरों की संशोधित सूची शासन को भेजे जाने की जानकारी जुलाई में ही दे दी गई थी, तो अगस्त तक इन सर्वेयरों को मानदेय का भुगतान क्यों नहीं हुआ? डिजिटल क्रॉप सर्वे का काम समय पर पूरा कराने वाले सर्वेयरों को महीनों बाद भी अपने मेहनताने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। अब संचालनालय द्वारा शेष भुगतान के लिए राशि आवंटित किए जाने के बाद इन 25 सर्वेयरों के भुगतान की राह खुली है, लेकिन भुगतान कब तक होगा, इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

