मनेंद्रगढ़। भारतीय दंड संहिता की धारा 505(1)(बी) के तहत दर्ज प्रकरण में न्यायालय से दोषमुक्त होने के बाद डॉ. रश्मि सोनकर ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा कर अपने समर्थकों, परिवारजनों और अधिवक्ता का आभार व्यक्त किया है। मनेंद्रगढ़ के माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी न्यायालय ने 22 जुलाई 2026 को पारित आदेश के अनुसार शासन द्वारा राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित प्रकरणों को वापस लिए जाने के निर्णय के तहत अभियोजन की ओर से आवेदन प्रस्तुत किया गया था, जिसे न्यायालय ने स्वीकार करते हुए डॉ. सोनकर को आरोप से दोषमुक्त कर दिया।
न्यायालय के आदेश में उल्लेख है कि डॉ. रश्मि सोनकर के विरुद्ध 14 दिसंबर 2022 को धारा 505(1)(बी) भादंसं के तहत अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया था। यह मामला थाना मनेंद्रगढ़ के अपराध क्रमांक 217/2022 से संबंधित था।
दोषमुक्त होने के बाद डॉ. सोनकर ने अपनी पोस्ट में भाजपा संगठन के प्रति धन्यवाद और आभार जताया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थिति में उनके साथ खड़े रहने वाले परिवारजनों और सहयोगियों का स्थान हमेशा उनके हृदय में रहेगा। उन्होंने अपने अधिवक्ता संजय गुप्ता रौनियार के प्रति भी विशेष आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने पूरे मामले में हर संभव प्रयास किया।
अपनी पोस्ट में डॉ. सोनकर ने 14 दिसंबर 2022 को एफआईआर दर्ज होने के समय की परिस्थितियों को भी याद किया। उन्होंने लिखा कि उस समय कुछ स्थापित नेताओं ने इस घटनाक्रम पर खुशी व्यक्त की थी और उन्हें लगा था कि इससे वह डरकर घर बैठ जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि इस पूरे संघर्ष ने उन्हें और अधिक निडर एवं सशक्त बनाया है।
डॉ. सोनकर ने पोस्ट में यह भी कहा कि इस प्रकरण ने उन्हें यह पहचानने का अवसर दिया कि मुश्किल समय में कौन उनके साथ खड़ा रहा और कौन नहीं। उन्होंने साथ नहीं देने वालों को माफ करने की बात कहते हुए भविष्य की परिस्थितियों पर भी संकेत किया। उन्होंने लिखा कि वह रुकने वालों में नहीं हैं और अपने संकल्प को अंतिम मंजिल तक पहुंचाने के लिए आगे भी संघर्ष करती रहेंगी।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रकरण के दौरान उन्हें करीब 45 दिन बेहद कठिन परिस्थितियों में गुजारने पड़े और राजनीतिक परिस्थितियों के चलते उन्होंने हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत ली थी। अंत में उन्होंने अपने समर्थकों से आगे के संघर्ष में भी साथ बने रहने की अपील की।
न्यायालय के आदेश के अनुसार प्रकरण में अभियोजन वापस लिए जाने के आधार पर डॉ. रश्मि सोनकर को धारा 505(1)(बी) भादंसं के आरोप से दोषमुक्त किया गया तथा उनकी जमानत संबंधी मुचलके समाप्त किए गए।

