बैकुण्ठपुर। रक्षाबंधन पर्व से पहले बैकुण्ठपुर शहर में छोटे और सीजनल व्यापारियों की परेशानियों को लेकर वार्ड क्रमांक-2 के पार्षद संजय जायसवाल ने फेसबुक लाइव के माध्यम से नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन जैसे बड़े त्योहार पर दूसरे शहरों में रहने वाले लोग अपने घर लौटते हैं, ऐसे में शहर के बाजार में रौनक बढ़ती है, लेकिन राखी की छोटी-छोटी दुकानें लगाने वाले युवा, महिलाएं और छोटे व्यापारी जगह के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। उन्होंने नगर पालिका से सीजनल व्यापारियों के लिए उचित स्थान उपलब्ध कराने और उनसे नाममात्र किराया लेकर व्यवस्थित तरीके से दुकानें लगाने की व्यवस्था करने की मांग की।
पार्षद संजय जायसवाल ने नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय तीरथ गुप्ता के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय व्यापारियों और आम लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्य कराए गए। घड़ी चौक की लाल बिल्डिंग, मानस भवन, सांस्कृतिक भवन, सामुदायिक भवन और नगर पालिका कॉम्प्लेक्स जैसे कार्यों को उन्होंने पूर्व अध्यक्ष की दूरदृष्टि का उदाहरण बताया। उन्होंने सवाल किया कि पिछले करीब 15 वर्षों में नगर पालिका के विभिन्न अध्यक्षों ने युवा और व्यापारी वर्ग के लिए क्या नई सुविधाएं विकसित कीं।
20 दिन से बंद रेलवे आरक्षण केंद्र शुरू करने की मांग
पार्षद ने बैकुण्ठपुर के रेलवे आरक्षण केंद्र के करीब 20 दिनों से बंद होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि आरक्षण केंद्र बंद होने से स्थानीय लोगों को रेलवे टिकट बुक कराने के लिए परेशान होना पड़ रहा है और उन्हें दूसरे स्थानों पर जाना पड़ रहा है। रक्षाबंधन के समय यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उन्होंने रेलवे अधिकारियों से बैकुण्ठपुर रेलवे आरक्षण केंद्र को तत्काल शुरू कराने की मांग की।
इसके साथ ही संजय जायसवाल ने शहर में जल संरक्षण और वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने स्वर्गीय रामचंद्र सिंहदेव का उल्लेख करते हुए कहा कि वे शहर और पर्यावरण की चिंता करते थे तथा पेड़ लगाने और जल संरक्षण के लिए लोगों को प्रेरित करते थे। उन्होंने कहा कि वाटर हार्वेस्टिंग से जुड़े नियमों का प्रभावी पालन नहीं होने के कारण गर्मी के दिनों में शहर को जल संकट का सामना करना पड़ता है।
पार्षद संजय जायसवाल ने कहा कि नगर पालिका व्यापारियों से टैक्स वसूलती है, लेकिन बदले में उन्हें पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराना भी उसकी जिम्मेदारी है। उन्होंने शहर के विकास, बाजार व्यवस्था, छोटे व्यापारियों को स्थान उपलब्ध कराने, पुराने भवनों के रखरखाव, जल संरक्षण और रेलवे आरक्षण केंद्र को दोबारा शुरू कराने जैसे मुद्दों पर जिम्मेदारों से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि बैकुण्ठपुर का विकास क्यों धीमा पड़ा है और व्यापारी वर्ग खुद को उपेक्षित क्यों महसूस कर रहा है, इस पर नगर पालिका और संबंधित विभागों को जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

