बैकुण्ठपुर। नगर पालिका परिषद बैकुण्ठपुर के वार्ड क्रमांक 20 के पार्षद संजय जायसवाल ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा 31 जुलाई 2026 को जारी 300.64 लाख रुपये के विकास कार्यों की सूची पर सवाल उठाते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी को शिकायत सौंपी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कार्यों का चयन परिषद की स्वीकृति एवं पार्षदों की अनुशंसा के बिना किया गया है।
पार्षद संजय जायसवाल का कहना है कि जारी सूची में ऐसे विकास कार्य शामिल किए गए हैं, जिन पर न तो नगर पालिका परिषद में चर्चा हुई और न ही सभी पार्षदों को इसकी जानकारी दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा भेदभावपूर्ण तरीके से केवल अपने करीबी पार्षदों के वार्डों के कार्यों को प्राथमिकता दी गई है, जिससे अन्य वार्डों के जनप्रतिनिधियों और नागरिकों में असंतोष व्याप्त है।
शिकायत में पार्षद ने मांग की है कि वर्तमान कार्य सूची को निरस्त करते हुए केवल अत्यावश्यक कार्य कराए जाएं तथा शेष विकास कार्यों को नगर पालिका परिषद की बैठक में पारित कर सभी पार्षदों की सहमति और अनुशंसा के आधार पर स्वीकृत किया जाए। उनका कहना है कि इससे विकास कार्यों में पारदर्शिता बनी रहेगी और सभी वार्डों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित हो सकेगा।
भाजपा मंत्री ने भी जताया विरोध
भाजपा के जिला मंत्री शारदा प्रसाद गुप्ता ने भी मुख्य नगर पालिका अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कहा कि राज्य सरकार बैकुण्ठपुर नगर पालिका के विकास के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध करा रही है, लेकिन स्थानीय परिषद का दायित्व है कि केवल जनहित और आवश्यकता के अनुरूप कार्यों के प्रस्ताव शासन को भेजे जाएं। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों पर जनमानस में विरोध है या जिनसे शासकीय राशि के दुरुपयोग की आशंका है, उन्हें तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए।
शारदा प्रसाद गुप्ता ने मांग की कि वर्तमान में स्वीकृत विकास कार्यों की समीक्षा कर औचित्यहीन कार्यों को निरस्त किया जाए तथा नगर पालिका परिषद, जनप्रतिनिधियों एवं बुद्धिजीवी वर्ग से चर्चा के बाद ही नए प्रस्ताव शासन को भेजे जाएं, ताकि विकास कार्य पारदर्शी एवं जनहितकारी बन सकें।

